जयपुर ट्रैफिक में बड़ा बदलाव: CM भजनलाल शर्मा का स्मार्ट प्लान, शहर बनेगा जाम-मुक्त और आधुनिक

एडमिनिस्ट्रेटिव मजबूती, ITMS तकनीक, मॉडल कॉरिडोर और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार से बदलेगी यातायात व्यवस्था

जयपुर ट्रैफिक में बड़ा बदलाव: CM भजनलाल शर्मा का स्मार्ट प्लान, शहर बनेगा जाम-मुक्त और आधुनिक

अनन्य सोच। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर जयपुर शहर की यातायात व्यवस्था को मजबूत, व्यवस्थित और आधुनिक बनाने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इस योजना के तहत जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने देश के प्रमुख महानगरों की ट्रैफिक व्यवस्था का अध्ययन कर एक ऐसा रोडमैप तैयार किया है, जो शहर की बढ़ती ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान देने में सक्षम होगा।

प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव, बढ़ेगी जवाबदेही

योजना के तहत प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव किए गए हैं। अब एडीसीपी (ट्रैफिक) के पद 2 से बढ़ाकर 4 कर दिए गए हैं, जिससे हर पुलिस जिले में एक एडीसीपी की तैनाती होगी। इसी तरह एसीपी (ट्रैफिक) के पद 4 से बढ़ाकर 8 किए गए हैं।

साथ ही, ट्रैफिक इंस्पेक्टर (TI) की संख्या 15 से बढ़ाकर 20 कर दी गई है। इससे हर जिले में बेहतर निगरानी, त्वरित निर्णय और प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित होगा।

72 ट्रैफिक बीट्स से बेहतर मैनेजमेंट

जयपुर शहर को अब 72 ट्रैफिक बीट्स में बांटा जाएगा। इससे हर क्षेत्र में स्पष्ट जिम्मेदारी तय होगी और पीक ऑवर्स में ट्रैफिक कंट्रोल अधिक प्रभावी होगा।

बीट स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग, रिपोर्टिंग और जवाबदेही तय की जाएगी, जिससे स्थानीय स्तर पर ट्रैफिक समस्याओं का तुरंत समाधान हो सकेगा।

मॉडर्न टेक्नोलॉजी से रियल-टाइम निगरानी

यातायात प्रबंधन को हाईटेक बनाने के लिए कई आधुनिक कदम उठाए जा रहे हैं। ट्रैफिक इंस्पेक्टर्स को 20 मॉडिफाइड मोटरसाइकिलें दी जाएंगी, जिससे वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में तेजी से पहुंच सकेंगे।

इसके साथ ही, अभय कमांड सेंटर से जुड़े अतिरिक्त CCTV कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे पूरे शहर की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी। ट्रैफिक जाम की स्थिति पर नजर रखने के लिए ड्रोन तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा।

इसके अलावा, इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिससे ट्रैफिक कंट्रोल और अधिक स्मार्ट बनेगा।

टोंक रोड बनेगा मॉडल ट्रैफिक कॉरिडोर

योजना के पहले चरण में टोंक रोड (यादगार से सांगानेर तक) को मॉडल ट्रैफिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा।

इस कॉरिडोर पर:

  • सड़क डिजाइन में सुधार

  • असुरक्षित कट्स बंद करना

  • सुरक्षित और निरंतर फुटपाथ बनाना

  • यू-टर्न और क्रॉसिंग का वैज्ञानिक पुनर्निर्धारण

जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। यह कॉरिडोर भविष्य में अन्य सड़कों के लिए एक उदाहरण बनेगा।

अतिक्रमण हटेगा, पार्किंग होगी व्यवस्थित

ट्रैफिक को सुचारू बनाने के लिए सड़कों और फुटपाथों से अतिक्रमण हटाया जाएगा। अवैध पार्किंग के खिलाफ सख्ती करते हुए अतिरिक्त क्रेनों की तैनाती की जाएगी।

साथ ही, पार्किंग और नो-पार्किंग जोन स्पष्ट किए जाएंगे और नई पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

डायनेमिक सिग्नल और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर

अब ट्रैफिक सिग्नल टाइमिंग को डायनेमिक बनाया जाएगा, जो वास्तविक ट्रैफिक दबाव के अनुसार काम करेगी।

लेन मार्किंग, जेब्रा क्रॉसिंग और स्टॉप लाइन को स्पष्ट रूप से तैयार किया जाएगा। चौराहों का वैज्ञानिक प्रबंधन और जंक्शन सुधार भी इस योजना का हिस्सा है।

परफॉर्मेंस बेस्ड सिस्टम से बढ़ेगी जिम्मेदारी

अधिकारियों के लिए परफॉर्मेंस बेस्ड मूल्यांकन प्रणाली लागू की जाएगी। नियमित समीक्षा और फीडबैक के आधार पर सुधार किए जाएंगे, जिससे पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

जन सहयोग से बनेगा ट्रैफिक सिस्टम मजबूत

इस योजना की सफलता के लिए नगर निगम, जेडीए, परिवहन विभाग और आमजन का सहयोग बेहद जरूरी है। सभी की भागीदारी से जयपुर को एक स्मार्ट और व्यवस्थित ट्रैफिक सिटी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

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