जयपुर की रेल व्यवस्था को मिलेगा ‘सुपर बूस्ट’: खातीपुरा बनेगा अत्याधुनिक मेगा टर्मिनल

205 करोड़ की परियोजना से बदलेगा शहर का रेलवे नक्शा; जयपुर जंक्शन का दबाव होगा कम, नई ट्रेनों के संचालन को मिलेगी रफ्तार

जयपुर की रेल व्यवस्था को मिलेगा ‘सुपर बूस्ट’: खातीपुरा बनेगा अत्याधुनिक मेगा टर्मिनल

अनन्य सोच। राजधानी जयपुर की रेल व्यवस्था अब एक नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। शहर के उपनगरीय खातीपुरा रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस मेगा टर्मिनल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो भविष्य में जयपुर जंक्शन का मजबूत विकल्प बनकर उभरेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से न केवल ट्रेनों की हैंडलिंग क्षमता बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों को भी बेहतर और सुगम सुविधाएं मिलेंगी।

करीब 205 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह प्रोजेक्ट रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। इसके तहत एक अत्याधुनिक कोच केयर कॉम्पलेक्स विकसित किया जा रहा है, जिसमें ऑटोमेटिक कोच वॉशिंग प्लांट, कम्प्यूटरीकृत व्हील प्रोफाइल मैनेजमेंट सिस्टम, कोच लिफ्टिंग यूनिट, वाटर रीसाइक्लिंग प्लांट और हाई कैपेसिटी क्रेन जैसी आधुनिक मशीनें स्थापित की जा रही हैं। इससे ट्रेनों के रखरखाव की प्रक्रिया तेज, सटीक और पूरी तरह आत्मनिर्भर हो जाएगी।

स्टेशन पर 6 हाई लेवल प्लेटफॉर्म और 8 रेलवे लाइनें विकसित की जा रही हैं, जिससे यात्रियों—विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों—को चढ़ने-उतरने में अधिक सुविधा मिलेगी। इसके अलावा धुलाई, परीक्षण और भारी मरम्मत के लिए 5 अलग लाइनें तथा शंटिंग कार्य के लिए 3 लाइनें तैयार की गई हैं। दौसा दिशा में इंजन परिवर्तन, पानी भरने और ट्रेनों की स्टेबलिंग के लिए अतिरिक्त ट्रैक भी विकसित किए जा रहे हैं।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार खातीपुरा को सैटेलाइट टर्मिनल के रूप में विकसित करने से दिल्ली कॉरिडोर सहित लंबी दूरी की नई ट्रेनों के संचालन को गति मिलेगी। इससे जयपुर जंक्शन पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी और पूरे शहर की रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

यह परियोजना जयपुर को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और स्मार्ट रेलवे नेटवर्क की दिशा में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले वर्षों में खातीपुरा मेगा टर्मिनल शहर की रेल सेवाओं का प्रमुख केंद्र बन सकता है।