मुख्यमंत्री विकसित ग्राम/शहरी वार्ड अभियान में तेजी: 25 अप्रैल तक सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश

डेटा गुणवत्ता, जीआईएस मैपिंग और मास्टर प्लान पर जोर; लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के संकेत

मुख्यमंत्री विकसित ग्राम/शहरी वार्ड अभियान में तेजी: 25 अप्रैल तक सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश

अनन्य सोच। मुख्यमंत्री विकसित ग्राम/शहरी वार्ड अभियान की प्रगति को लेकर गुरुवार को शासन सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन तथा पंचायतीराज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगा राम ने अभियान के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में Rajasthan Institute for Transformation and Innovation (RITI) के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी नारायण लाल पालीवाल ने अभियान की अब तक की प्रगति प्रस्तुत की। इस दौरान ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड स्तर पर संचालित गतिविधियों, बेसलाइन सर्वे, डेटा एंट्री, जीआईएस मैपिंग तथा डायनेमिक मास्टर प्लान तैयार करने की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।

 जैन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डेटा संकलन, एंट्री और जीआईएस मैपिंग निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करते हुए गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने एसएसओ आईडी मैपिंग और रिपोर्टिंग मॉड्यूल के प्रभावी उपयोग पर जोर देते हुए ब्लॉक और शहरी निकाय स्तर पर डेटा की नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही ग्राम/वार्ड सभाओं एवं फोकस ग्रुप डिस्कशन (FGD) की प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने और आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर उपलब्ध डेटा का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए।

उन्होंने प्रत्येक 4–5 ग्राम पंचायत या शहरी वार्ड के लिए प्रभारी अधिकारी नियुक्त करने, उनकी सूची साझा करने तथा फील्ड स्तर पर तकनीकी सहायता के लिए हेल्पडेस्क स्थापित करने पर भी जोर दिया, ताकि समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके।

डॉ. जोगा राम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 25 अप्रैल तक ग्राम और वार्ड स्तर की सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों की आकांक्षाओं को सही और व्यापक रूप से दर्ज किया जाए, इसके लिए मैन्युअल एंट्री का विकल्प भी उपलब्ध रखा जाए। कमजोर प्रगति वाले जिलों में ब्लॉक स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में RITI के अधिकारी, सभी जिला नोडल अधिकारी, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग तथा आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के प्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

उल्लेखनीय है कि इस महत्वाकांक्षी अभियान का शुभारंभ 19 मार्च को किया गया था। इसका उद्देश्य विकास को जन आंदोलन का रूप देते हुए ग्राम एवं शहरी वार्ड स्तर पर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप डायनेमिक मास्टर प्लान तैयार करना है। अभियान के तहत 15 मई तक अंतिम मास्टर प्लान पोर्टल पर अपलोड करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।