रिकॉर्ड आय, रिकॉर्ड उत्पादन और रिकॉर्ड प्रदर्शन: भारतीय रेलवे के तीन जोन ने रचा नया इतिहास
अनन्य सोच। Indian Railways के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 अभूतपूर्व उपलब्धियों का वर्ष साबित हुआ है। उत्तर पश्चिम रेलवे, आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (आरेडिका) और दक्षिण पश्चिम रेलवे के हुब्बल्ली मंडल ने आय, उत्पादन और संचालन के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
उत्तर पश्चिम रेलवे: 8622 करोड़ की रिकॉर्ड आय (RailwayGrowth)
North Western Railway ने 2025-26 में 8622 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक आय अर्जित की, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7.5% अधिक है। यात्री आय 3727 करोड़ रुपये रही, जिसमें 9.8% की वृद्धि दर्ज की गई। खास बात यह रही कि मार्च माह में ही 353 करोड़ रुपये की सर्वाधिक मासिक यात्री आय हासिल हुई।
माल परिवहन से 3865 करोड़ रुपये की कमाई हुई, जो 7.2% अधिक है। रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा, समयपालन, यात्री सुविधाओं और इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास पर विशेष ध्यान देकर इस उपलब्धि को संभव बनाया।
आरेडिका: 2126 कोच बनाकर रचा उत्पादन का इतिहास (Coach Production)
रायबरेली स्थित आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (MCF) ने 2126 कोचों का उत्पादन कर नया रिकॉर्ड कायम किया। यह पिछले वर्ष से 5% अधिक है। (Vande Bharat Train) इस वर्ष पहली बार “Vande Bharat” रेक का निर्माण भी पूरा किया गया, जो भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम है।
इसके साथ ही 62,938 फोर्ज्ड व्हील और 59,161 फिनिश्ड व्हील का उत्पादन किया गया, जो पिछले वर्षों की तुलना में क्रमशः 54% और 77% अधिक है। महाप्रबंधक विवेक खरे ने इसे टीम वर्क और समर्पण का परिणाम बताया।
(Hubballi Division) हुब्बल्ली मंडल: माल लदान और राजस्व में बड़ी छलांग (Railway Revenue)
दक्षिण पश्चिम रेलवे के हुब्बल्ली मंडल ने 39.498 मिलियन टन माल लदान कर 22% की शानदार वृद्धि दर्ज की। यात्री राजस्व 565.73 करोड़ और माल राजस्व 3996.28 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
समयपालन दर 93.97% तक सुधरी, जबकि यात्रियों की सुविधा के लिए 328 स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं। इन्फ्रास्ट्रक्चर में 107 किमी ट्रैक नवीनीकरण और 146.5 किमी अपग्रेड जैसे कार्य कर सुरक्षा और गति दोनों में सुधार किया गया।
आधुनिकता और प्रबंधन से मिली नई रफ्तार
इन तीनों जोन की उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि बेहतर प्रबंधन, तकनीकी उन्नयन और यात्री सुविधाओं पर फोकस से भारतीय रेलवे लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।