रुवा स्वर्ण जयंती समापन: महिला सशक्तिकरण की गूंज के साथ भव्य समारोह ने रचा इतिहास

50 वर्षों की प्रेरणादायक यात्रा का जश्न, सामाजिक जागरूकता और महिला नेतृत्व का सशक्त संदेश

रुवा स्वर्ण जयंती समापन: महिला सशक्तिकरण की गूंज के साथ भव्य समारोह ने रचा इतिहास

Ananya soch: Jaipur University Event

अनन्य सोचRUWA Golden Jubilee: राजस्थान विश्वविद्यालय महिला संघ (रुवा) (Rajasthan University Women Association) के स्वर्ण जयंती समापन समारोह का आयोजन अत्यंत गरिमामय और उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर आयोजित शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सम्मान कार्यक्रमों ने समारोह को यादगार बना दिया और उपस्थित जनसमूह को प्रेरणा से भर दिया।

मुख्य अतिथि आईएएस अधिकारी शुब्रा सिंह ने अपने संबोधन में महिलाओं की बदलती सामाजिक भूमिका और सशक्तिकरण पर प्रभावशाली विचार रखे। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति में महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य है। मनरेगा योजना में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को उन्होंने आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बताया। साथ ही अंगदान जैसे मानवीय कार्यों को अपनाने का आह्वान करते हुए उन्होंने समाज को जागरूक और जिम्मेदार बनने की प्रेरणा दी।

विशिष्ट अतिथि आईएफएस अधिकारी शिखा मेहरा ने रुवा की भूमिका को सराहते हुए कहा कि यह संगठन वर्षों से महिलाओं के उत्थान और सामाजिक जागरूकता में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने रुवा को सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बताया। (Social Awareness Program) कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अल्पना कटेजा ने आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की और शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम की शुरुआत रुवा गीत और स्वागत उद्बोधन से हुई, जिसमें अध्यक्ष प्रो. अमला बत्रा ने सभी अतिथियों का अभिनंदन किया। इसके बाद प्रो. लाड़ कुमारी जैन ने रुवा की 50 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा और उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया।

समारोह के दौरान रुवा की पत्रिका का विमोचन किया गया। साथ ही प्रो. रश्मि जैन, प्रो. जया चक्रवर्ती, प्रो. अंशु डांडिया और प्रो. गीता चतुर्वेदी को सम्मानित किया गया, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई।

अंत में सचिव प्रो. उर्मिल तलवार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह समारोह रुवा की 50 वर्षों की प्रेरणादायक यात्रा का प्रतीक बनकर सभी के लिए अविस्मरणीय रहा।