संस्कारों से सशक्त शिक्षा: आदर्श विद्या मंदिर में बहुउद्देशीय सभागार का लोकार्पण, CM का युवाओं को संदेश
अनन्य सोच। Rajasthan Education News: मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा के केंद्र नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों और संस्कारों के विकास के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने आदर्श विद्या मंदिर, राजापार्क में नवनिर्मित बहुउद्देशीय सभागार का लोकार्पण करते हुए कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ जीवन जीने की दिशा भी देते हैं।
शिक्षा के साथ संस्कारों पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि Adarsh Vidya Mandir Jaipur संस्थान समाज में निस्वार्थ सेवा, सहयोग और करुणा की भावना को मजबूत कर रहा है। यहां शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों पर विशेष बल दिया जाता है, जो विद्यार्थियों के समग्र विकास में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की अंत्योदय की अवधारणा को दोहराते हुए कहा कि राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
युवाशक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत (Youth Employment India)
शर्मा ने कहा कि भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है, जो देश की सबसे बड़ी ताकत है। शिक्षित और संस्कारित युवा न केवल अपना, बल्कि पूरे राष्ट्र का भविष्य उज्ज्वल बनाते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठा रही है।
रोजगार और पारदर्शिता पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगी है। युवाओं को 4 लाख सरकारी और 6 लाख निजी क्षेत्र में रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 1.25 लाख नियुक्तियां दी जा चुकी हैं और बड़ी संख्या में भर्ती प्रक्रियाधीन हैं।
सभागार लोकार्पण और सम्मान समारोह
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभागार का फीता काटकर उद्घाटन किया और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों व सहयोगी भामाशाहों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा सहित कई जनप्रतिनिधि, शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।