राष्ट्रीय खनन सम्मेलन में चमका चित्तौड़गढ़: ‘एकलव्य ज्ञान केंद्र’ बना आकर्षण, DMF कार्यों की जमकर सराहना
Ananya soch: Mining Conference India
अनन्य सोच। खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास के अभिनव मॉडल के रूप में चित्तौड़गढ़ जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। नई दिल्ली के स्कोप कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय खनन सम्मेलन में जिले के DMF (District Mineral Foundation) कार्यों को विशेष सराहना मिली।
‘एकलव्य ज्ञान केंद्र’ बना मुख्य आकर्षण
23-24 मार्च 2026 को आयोजित इस सम्मेलन का विषय था—“आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत DMF निधि का प्रभावी उपयोग”। सम्मेलन में चित्तौड़गढ़ द्वारा लगाए गए स्टॉल ने सभी का ध्यान खींचा, जहां “एकलव्य ज्ञान केंद्र” पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म प्रस्तुत की गई। इस फिल्म में खनन प्रभावित और आकांक्षी क्षेत्रों में शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचारों को प्रभावी ढंग से दिखाया गया, जिसने उपस्थित विशेषज्ञों और अधिकारियों को प्रभावित किया।
केंद्रीय मंत्री ने की सराहना
सम्मेलन में केंद्रीय खनन एवं कोयला मंत्री G. Kishan Reddy ने विशेष संबोधन दिया और DMF निधि के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने चित्तौड़गढ़ के स्टॉल का अवलोकन कर ‘एकलव्य ज्ञान केंद्र’ पहल की सराहना की और इसे DMF निधि के प्रभावी उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
जिले के नवाचारों की राष्ट्रीय पहचान
चित्तौड़गढ़ का प्रतिनिधित्व NITI Aayog के एबीएफ राधाकिशन शर्मा, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अरविंद मूंदड़ा और खनन विभाग के विशाल जोशी ने किया। उन्होंने जिले में संचालित विकास कार्यों और नवाचारों की विस्तृत जानकारी साझा की। इस उपलब्धि से राजस्थान के खनन प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिली है।