बिजोरावास से गूंजा संस्कृति का संदेश: राज्यपाल बागडे बोले—शिक्षा के साथ संस्कार ही भारत की असली ताकत
शिव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में शामिल हुए राज्यपाल, युवाओं को परंपरा से जुड़ने का आह्वान; नंदी संरक्षण पर भी दिया विशेष जोर
अनन्य सोच। बहरोड़ क्षेत्र के ग्राम बिजोरावास में आयोजित शिव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह ने गुरुवार को आस्था और संस्कृति का भव्य संगम प्रस्तुत किया। इस अवसर पर राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने बाबा बिशाह मंदिर परिसर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
संस्कारों से ही सशक्त होगा समाज
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भगवान शिव जीवन में सकारात्मकता और ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि आधुनिक शिक्षा के साथ अपनी संस्कृति, परंपरा और मूल्यों को आत्मसात करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल अकादमिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के संस्कार भी देना चाहिए, ताकि समाज की पहचान और निरंतरता बनी रहे।
राज्यपाल ने भारतीय इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अपनी जड़ों से जुड़े रहना ही सशक्त राष्ट्र निर्माण का आधार है।
नंदी संरक्षण: समाज और सरकार की साझा जिम्मेदारी
अपने संबोधन में राज्यपाल ने सड़कों पर बेसहारा घूमते नंदी (बैलों) के संरक्षण को गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि इसके लिए सामुदायिक भागीदारी बेहद जरूरी है, साथ ही गौशालाओं और गोग्रास जैसी व्यवस्थाओं को बढ़ावा देना चाहिए।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार नंदियों के संरक्षण के लिए विशेष अभियान चला रही है। साथ ही, किसानों को नंदी पालन और कृषि में उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने हेतु एक योजना के तहत प्रतिवर्ष ₹30,000 तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को संस्कृति, सेवा और संरक्षण का संदेश देने वाला प्रेरणादायी अवसर बन गया।