अलवर में जल संरक्षण को रफ्तार: मानसून से पहले पांच नए एनिकट तैयार करने के निर्देश

वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण, पर्यटन और भूजल बढ़ोतरी पर जोर

अलवर में जल संरक्षण को रफ्तार: मानसून से पहले पांच नए एनिकट तैयार करने के निर्देश

अनन्य सोच। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने गुरुवार को अलवर जिले में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निर्माणाधीन एनिकटों और बांध परियोजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने नगर निगम, यूआईटी, जल संसाधन एवं वन विभाग के अधिकारियों के साथ भाखेड़ा एनिकट, माचिया कुंड, जरखवाला एनिकट, भूरा सिद्ध एनिकट तथा प्रताप बंध जोहड़ी के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य मानसून से पूर्व गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से कैचमेंट एरिया की साफ-सफाई सुनिश्चित करने, फिनिशिंग और पिचिंग कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा जल प्रवाह में किसी प्रकार की बाधा न रहने पर जोर दिया। साथ ही, जल संसाधन विभाग को निदानी बांध के पक्के पुनर्निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।

 शर्मा ने कहा कि इन एनिकटों को मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जाए, जहां पाथवे, हरित क्षेत्र और सौंदर्यीकरण के कार्य भी किए जाएं। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से न केवल वर्षा जल का संरक्षण होगा, बल्कि वन्यजीवों और वनस्पतियों को पेयजल उपलब्ध होगा, साथ ही शहर के बड़े हिस्से में भूजल स्तर में वृद्धि होगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका ने जानकारी दी कि नगर निगम द्वारा तीन, जल संसाधन विभाग द्वारा एक तथा यूआईटी द्वारा माचिया कुंड के नवीनीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। प्रताप बंध क्षेत्र में 4.94 करोड़ रुपये की लागत से 6950 वर्गमीटर क्षेत्रफल का पॉण्ड और चैनल निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसकी जल भंडारण क्षमता 21,000 घनमीटर है।

इसके अलावा, जरखवाला और भूरा सिद्ध क्षेत्रों में करोड़ों रुपये की लागत से पॉण्ड और एनिकट निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं। माचिया कुंड का सौंदर्यीकरण भी शीघ्र पूरा होने की संभावना है।

यह पहल अलवर शहर में जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और पर्यटन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।