राजस्थान सचिवालय में शपथ ग्रहण समारोह: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिया सुशासन और जनसेवा का मंत्र
“जनता के कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करें, ‘मिशन कर्मयोगी’ से बढ़ाएं कार्यकुशलता”
अनन्य सोच। राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी संघ का शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार को शासन सचिवालय में गरिमामय माहौल में आयोजित हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नवगठित कार्यकारिणी को शपथ दिलाते हुए जनसेवा और सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन सचिवालय राज्य प्रशासन का सबसे बड़ा केंद्र है, जहां से नीतियों और योजनाओं का संचालन होता है। यदि अधिकारी और कर्मचारी कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करें, तो आमजन को सीधा लाभ मिलता है। उन्होंने नव निर्वाचित अध्यक्ष अभिमन्यु शर्मा सहित सभी पदाधिकारियों को बधाई देते हुए जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की अपील की।
‘मिशन कर्मयोगी’ से बढ़ेगी कार्यक्षमता
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल ‘मिशन कर्मयोगी’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कर्मचारियों की कार्यक्षमता और कौशल बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने ‘नागरिक देवो भव’ को प्रशासन का मूल मंत्र बताते हुए नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने पर जोर दिया।
कर्मचारी हित में बड़े फैसले
राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में कर्मचारियों के हित में कई अहम निर्णय लिए हैं। समयबद्ध पदोन्नति, ग्रेच्यूटी सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 25 लाख करना और आरजीएचएस के तहत परिजनों के चयन की सुविधा जैसे कदम उठाए गए हैं। साथ ही, एकल महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव, ‘मुख्यमंत्री शिशु-वात्सल्य सदन’ जैसी सुविधाएं भी लागू की गई हैं।
विकास और रोजगार पर फोकस
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में जल, बिजली और कृषि क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। 1.25 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं और इतनी ही नई भर्तियों का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार में पेपर लीक की कोई घटना नहीं हुई।
नई घोषणाएं
समारोह में 15 नए पद सृजित करने और कुछ काडर में पदोन्नति के लिए 2 वर्ष की छूट देने की घोषणा भी की गई।