श्रद्धा, संगीत और नारी शक्ति का संगम: “मिराकी बनी ठनी” का भव्य आयोजन सम्पन्न

श्रद्धा, संगीत और नारी शक्ति का संगम: “मिराकी बनी ठनी” का भव्य आयोजन सम्पन्न

अनन्य सोच। भक्ति-रस, संगीत-साधना और नारी सशक्तीकरण का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता “मिराकी बनी ठनी” का तृतीय आयोजन आज झालाना इंस्टीट्यूट में भव्यता और आध्यात्मिक वातावरण के बीच सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मीरा, सूर और कबीर की पदावलियों ने जहां भक्तिमय माहौल रचा, वहीं नृत्य-अभिव्यक्ति और समूहगान ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।

इस संगीतमय संध्या में मीरा सक्सेना, सीमा वालिया, पूजा शर्मा, अनुरेखा गुप्ता, कला माथुर, समृद्धि, नीरू कल्ला, सीमा अरोड़ा, रुचि माहेश्वरी, जया कल्ला, अरुणा जैन, सोनम जैन, हेमलता यादव, रेणु खुराना, ललिता, अंजू रावत, उर्मिला, श्वेता, वंदना, अनुपमा एवं ज्योति शर्मा सहित अनेक प्रतिभाशाली महिला कलाकारों ने अपनी सशक्त प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. वीणा आचार्य और डॉ. अलका राव की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह मंच महिला कलाकारों को निरंतर अपनी कला अभिव्यक्त करने का सशक्त अवसर प्रदान कर रहा है, जो अत्यंत प्रेरणादायक पहल है।

इस आयोजन की संस्थापिका एवं सूत्रधार श्रीमती मीरा सक्सेना के कुशल निर्देशन में कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया, जबकि मंच संचालन सीमा वालिया द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया।

“मिराकी बनी ठनी” केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि कला, संगीत और नारी प्रतिभा के समन्वय की एक सशक्त परंपरा बन चुका है, जो हमारी आध्यात्मिक विरासत को संजोते हुए महिलाओं को एक सम्मानजनक मंच प्रदान कर रहा है।