जयपुर में तीन बड़े न्यायिक फैसले: अग्रवाल को राहत नहीं, ऑडी केस में जमानत, संविदाकर्मियों को संरक्षण
हाईकोर्ट व निचली अदालत के अहम आदेशों से तीन अलग-अलग मामलों में आई नई स्थिति
अनन्य सोच। जयपुर में शनिवार को विभिन्न न्यायिक मामलों में अहम फैसले सामने आए, जिनमें पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल को राहत नहीं मिली, वहीं ऑडी कार हादसे के आरोपी को जमानत दी गई और संविदा कर्मियों को हटाने पर रोक लगा दी गई।
सुबोध अग्रवाल को अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति नहीं
जल जीवन मिशन के करीब 960 करोड़ रुपए के घोटाले में आरोपी पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल को उनकी सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति अदालत ने देने से इनकार कर दिया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत याचिका में उनके अधिवक्ता ने पारिवारिक कारणों का हवाला दिया, लेकिन अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी 13 अप्रैल तक पुलिस रिमांड में है, इसलिए अनुमति नहीं दी जा सकती।
ऑडी कार हादसे में आरोपी को हाईकोर्ट से जमानत
पत्रकार कॉलोनी थाना क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत और 14 लोगों के घायल होने के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने आरोपी दिनेश को जमानत दे दी। जस्टिस प्रवीर भटनागर की एकलपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश दिया। बचाव पक्ष ने सबूतों की कमी का हवाला दिया, जबकि अभियोजन ने आरोपी की भूमिका पर जोर दिया।
संविदा कर्मियों को राहत, हटाने पर रोक
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में राजस्थान हाईकोर्ट ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत संविदा कर्मियों को बड़ी राहत देते हुए उनकी सेवाएं समाप्त करने पर रोक लगा दी। अदालत ने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए यह भी निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं को अन्य कर्मियों से प्रतिस्थापित नहीं किया जाए।
इन तीनों मामलों में अदालतों के फैसलों ने प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं।