शेखावटी इंटरनेशनल आर्ट रेसिडेंसी का सफल समापन, देश-विदेश के कलाकारों ने दिया रचनात्मकता का नया आयाम
अनन्य सोच। मोदी यूनिवर्सिटी लक्ष्मणगढ़ में 31 मार्च से 4 अप्रैल तक आयोजित शेखावटी इंटरनेशनल आर्ट रेसिडेंसी का सफल समापन हुआ। इस बहुचर्चित आयोजन का नेतृत्व आर्ट एंड कल्चरल प्रमोटर महावीर प्रताप शर्मा और डॉ. संगीता सिंह ने किया, जिसमें देश-विदेश के ख्यातनाम कलाकारों ने भाग लेकर कला और नवाचार का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।
रेसिडेंसी में दिलीप शर्मा, कंचन चंद्रा, पार्वती नैयर, प्रतुल दास, फरहाद हुसैन, मोनिका, मिरोस्लवा, आकाश चोयल सहित कई कलाकारों ने अपनी विशिष्ट कला शैली का प्रदर्शन किया। ये प्रतिभागी दिल्ली, फ्रांस, कनाडा, अहमदाबाद, चेन्नई और मुंबई से पहुंचे थे। कलाकारों ने छात्रों और शिक्षकों के साथ संवाद कर उन्हें नई सोच और रचनात्मक दृष्टिकोण से प्रेरित किया।
इस दौरान महावीर प्रताप शर्मा ने विशेष सत्र में कला और संस्कृति की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि रचनात्मकता न केवल सामाजिक बदलाव लाती है, बल्कि आर्थिक विकास और स्टार्टअप्स को भी नई दिशा देती है। वहीं डॉ. संगीता सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन नवाचार के बीज बोते हैं और युवाओं को शुद्ध कला के महत्व को समझने का अवसर देते हैं।
विश्वविद्यालय के जॉइंट डीन प्रो. राजेश ने कहा कि शेखावटी जैसे दूरस्थ क्षेत्र में इस प्रकार के आयोजन से महिला विश्वविद्यालय को नई ऊर्जा और वैश्विक दृष्टिकोण मिला है। इंजीनियरिंग छात्रों ने भी कला के माध्यम से स्पेस, फॉर्म और मटेरियल की नई समझ विकसित की।
कार्यक्रम का समापन मंडावा के डेजर्ट रिसॉर्ट में हुआ, जहां सभी प्रतिभागियों ने इस सफल आयोजन पर एक-दूसरे को बधाई दी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को जारी रखने का आश्वासन दिया।