‘शाम-ए-ग़ज़ल’ में गूंजा सुरों का जादू: जय क्लब में जगजीत सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि

‘शाम-ए-ग़ज़ल’ में गूंजा सुरों का जादू: जय क्लब में जगजीत सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि

अनन्य सोच। शहर के प्रतिष्ठित जय क्लब के गुलाब बाग में महान ग़ज़ल सम्राट जगजीत सिंह की स्मृति में आयोजित ‘शाम-ए-ग़ज़ल’ ने संगीत प्रेमियों को एक यादगार और भावुक अनुभव दिया। इस भव्य संध्या में सुर, संवेदना और यादों का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने हर श्रोता के दिल को छू लिया।

कार्यक्रम में अमेरिका से आए सुप्रसिद्ध ग़ज़ल गायक दिलजीत ओएस ने अपनी मधुर आवाज़ में जगजीत सिंह की कालजयी ग़ज़लों को प्रस्तुत कर माहौल को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत मशहूर ग़ज़ल “बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी” से की, जिस पर दर्शकों ने जोरदार तालियों के साथ भरपूर सराहना की। इसके बाद क्लब सदस्य निकिता बंसल के साथ “ये दौलत भी ले लो” की भावपूर्ण प्रस्तुति ने श्रोताओं को भावुक कर दिया।

इस खास मौके पर क्लब के प्रतिभाशाली गायक संजीव जैन ने भी अपनी ग़ज़लों से समां बांधा और आयोजन को और ऊंचाई दी। कार्यक्रम की सबसे विशेष बात रही जगजीत सिंह के बड़े भाई जसवंत सिंह की उपस्थिति, जिसने इस संध्या को और भी अधिक भावनात्मक बना दिया।

कार्यक्रम के दौरान क्लब अध्यक्ष डॉ. हरिओम बम्ब ने दिलजीत ओएस का राजस्थानी साफा पहनाकर सम्मान किया, जबकि क्लब सचिव संजय भंसाली ने जसवंत सिंह को शॉल ओढ़ाकर उनका अभिनंदन किया।

अंत में दिलजीत ओएस ने पंजाबी गीतों और टप्पों की प्रस्तुति देकर माहौल को उत्साह से भर दिया, जिस पर दर्शक झूम उठे। यह संध्या संगीत, संस्कृति और भावनाओं का अद्भुत संगम बनकर सभी के दिलों में बस गई।