रीको के नए फैसलों से उद्योगों को रफ्तार, निवेशकों को मिली बड़ी राहत
सरकार के नीतिगत सुधारों से उद्योग स्थापना आसान, लागत में कमी और निवेश को मिल रहा प्रोत्साहन
अनन्य सोच। Investment News: (Rajasthan Government) राज्य में Industrial Development को गति देने और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए राजस्थान सरकार लगातार नीतिगत सुधारों पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उठाए गए कदमों से उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने में उल्लेखनीय सुविधा मिल रही है।
(Business Policy) इसी दिशा में RIICO द्वारा निवेशकों की मांग के अनुरूप कई अहम निर्णय लिए गए हैं। असंतृप्त औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योग स्थापना की लागत कम करने के लिए भूखंडों का आवंटन प्रचलित या आरक्षित दर (जो अधिक हो) के केवल 60 प्रतिशत मूल्य पर किया जा रहा है। साथ ही इन क्षेत्रों में लीज अवधि को 99 वर्ष से घटाकर 33 वर्ष कर दिया गया है, जिससे निवेशकों का आर्थिक बोझ कम होगा। प्रत्यक्ष आवंटन योजना के नौवें चरण में 27 असंतृप्त क्षेत्रों को शामिल किया गया, जहां 22 भूखंडों पर 25 आवेदन प्राप्त होना निवेशकों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
निवेश को और बढ़ावा देने के लिए प्रत्यक्ष आवंटन योजना की वैधता 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। साथ ही एमओयू से जुड़े नियमों में शिथिलता देकर अधिक निवेशकों को अवसर प्रदान किया गया है, जिससे अब निर्धारित अंतिम तिथि तक समझौता कर पात्रता हासिल की जा सकेगी।
रीको ने Industrial Areas के उपयोग में भी लचीलापन दिखाया है। जयपुर के मानपुर माचेड़ी सहित कुछ क्षेत्रों, जो पहले विशेष उद्योगों के लिए आरक्षित थे, अब सामान्य श्रेणी के उद्योगों के लिए खोल दिए गए हैं। (Economic Growth) इसके अलावा थौलाई और बोरानाडा स्थित क्षेत्रों में भी नई संभावनाएं विकसित की गई हैं।
इन सुधारों के परिणामस्वरूप निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आई है। इससे न केवल उद्योगों का विस्तार होगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।