राजस्थान पुलिस का एक्शन और उत्सव: अल्बर्ट हॉल में सुरों की शाम, सड़क सुरक्षा पर सख्ती और 3 घंटे में लूट का खुलासा
सुरक्षा, संस्कृति और सतर्कता—तीनों मोर्चों पर सक्रिय पुलिस
अनन्य सोच। राजस्थान पुलिस एक ओर जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए जनता से जुड़ाव मजबूत कर रही है, वहीं दूसरी ओर कानून-व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त कार्रवाई भी कर रही है। प्रदेश में आज कई अहम घटनाएं सामने आईं, जो पुलिस की सक्रियता और तत्परता को दर्शाती हैं।
अल्बर्ट हॉल में गूंजेंगी सुरों की लहरियां
अल्बर्ट हॉल संग्रहालय परिसर में मंगलवार शाम राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस के तहत भव्य बैंड प्रस्तुति आयोजित होगी। शाम 7 बजे से 8:15 बजे तक चलने वाले इस कार्यक्रम में पुलिस बैंड दल पारंपरिक वेशभूषा में देशभक्ति और जोश से भरपूर धुनें प्रस्तुत करेगा।
पाइप और ब्रास वाद्ययंत्रों के साथ कलाकारों का अनुशासित प्रदर्शन न केवल शहरवासियों बल्कि पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। “सारे जहां से अच्छा” जैसे कालजयी गीत इस शाम को खास बनाएंगे। यह आयोजन पुलिस और आमजन के बीच दूरी कम करने का एक प्रयास है।
सड़क सुरक्षा अभियान: एक दिन में 10,344 चालान
जयपुर रेंज में सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। 11 से 12 अप्रैल तक चले इस अभियान में कुल 10,344 वाहनों के चालान किए गए।
-
बिना हेलमेट: 4,543
-
सीट बेल्ट उल्लंघन: 1,791
-
ट्रिपल राइडिंग: 972
-
ओवरस्पीड: 1,183
-
गलत दिशा: 735
-
मोबाइल उपयोग: 179
इसके अलावा शराब पीकर वाहन चलाने वाले 169 लोगों पर कार्रवाई की गई। 2,130 संदिग्ध वाहनों की जांच में 135 चालान और 6 वाहन जब्त किए गए। इस कार्रवाई का उद्देश्य लोगों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
जैसलमेर में 50 लाख की लूट का 3 घंटे में खुलासा
जैसलमेर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 50 लाख रुपये की लूट का महज 3 घंटे में खुलासा कर दिया।
दासौती पाड़ा क्षेत्र में बदमाशों ने एक महिला को बंधक बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस पूरी घटना की मास्टरमाइंड घर में काम करने वाली नौकरानी ही थी।
पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लूट का पूरा माल बरामद कर लिया। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी इनपुट के आधार पर सघन नाकाबंदी कर आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मजबूत समन्वय
इस पूरे ऑपरेशन में विभिन्न थानों और विशेष टीमों के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की त्वरित कार्रवाई से अपराधियों में डर पैदा होता है और आमजन में विश्वास बढ़ता है।