‘हर मास–एक उपवास’ आत्मसंयम, स्वास्थ्य और अध्यात्म की जीवन साधना—राज्यपाल हरिभाऊ बागडे
आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी के सानिध्य में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी हुए सहभागी
Ananya soch: Har Maas Ek Upvas
अनन्य सोच। Jain Spiritual Program: राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने शनिवार को अंतर्मना आचार्य श्री Acharya Prasanna Sagar के सानिध्य में पहुंचकर आशीर्वाद प्राप्त किया. इस अवसर पर उन्होंने आचार्य श्री की प्रेरणा से संचालित ‘हर मास–एक उपवास’ अभियान को आत्मसंयम, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक चेतना से जुड़ी जीवन साधना बताते हुए इसकी सराहना की. राज्यपाल ने कहा कि उपवास भारतीय संस्कृति की संयम परंपरा का सशक्त प्रतीक है, जो शरीर और मन—दोनों के लिए कल्याणकारी है.
बागडे ने आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी के तपस्वी जीवन का उल्लेख करते हुए उनके 557 दिन के अखंड मौन और एकांतवास जैसी कठोर साधना को नमन किया. उन्होंने कहा कि जैन परंपरा केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और जीवन मूल्यों की महान साधना है. इस अवसर पर राज्यपाल द्वारा ‘हर माह–एक उपवास’ पोस्टर का लोकार्पण भी किया गया.
इसी क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी जयपुर के एंटरटेनमेंट पैराडाइज में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि संतों और मुनियों का मार्गदर्शन समाज को सकारात्मक और आध्यात्मिक दिशा प्रदान करता है. कार्यक्रम में आचार्य श्री ने मुख्यमंत्री को ‘दिव्य मंगल भक्ति पाठ’ पुस्तक भेंट की. आयोजन में जैन मुनि-साध्वी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में साधक उपस्थित रहे.