डेनमार्क से सीखेगा राजस्थान: विश्वस्तरीय तकनीक से बदलेंगे शहरों के विकास के मायने
जल संरक्षण, स्मार्ट मैनेजमेंट और क्लाइमेट रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुआ अंतरराष्ट्रीय मंथन
अनन्य सोच। मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma के नेतृत्व में राजस्थान को विकसित और आधुनिक राज्य बनाने की दिशा में नगरीय विकास एवं आवासन विभाग लगातार नई पहल कर रहा है। इसी क्रम में नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री Jhabar Singh Kharra की डेनमार्क यात्रा राज्य के शहरी विकास के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाली साबित हो रही है।
डेनमार्क में आयोजित उच्चस्तरीय बैठकों, तकनीकी चर्चाओं और आधुनिक शहरी विकास मॉडलों के अध्ययन के माध्यम से राजस्थान के शहरों को विश्वस्तरीय तकनीक और सतत विकास की अवधारणाओं से जोड़ने पर गहन मंथन हुआ। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, स्मार्ट शहरी प्रबंधन, जलवायु अनुकूल अवसंरचना, अपशिष्ट जल प्रबंधन और नागरिक केंद्रित विकास को नई दिशा देना रहा।
कोपेनहेगन से आरहस तक आधुनिक विकास मॉडल का अध्ययन
डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन से लेकर आरहस (Aarhus) तक हुई बैठकों में राजस्थान के भविष्य के शहरों को लेकर कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। इस दौरान डेनमार्क में भारत के राजदूत Manish Prabhat, भारतीय जल शक्ति प्रतिनिधिमंडल, डेनमार्क सरकार के विभिन्न विभागों तथा प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
डेनमार्क के पर्यावरण मंत्रालय में आयोजित बैठकों के दौरान आधुनिक जल संरक्षण प्रणालियों, एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन और भविष्य उन्मुख शहरी नियोजन के उन मॉडलों का अध्ययन किया गया, जिन्होंने डेनमार्क को सतत शहरी विकास का वैश्विक उदाहरण बनाया है।
ई-गवर्नेंस और स्मार्ट सिटी मॉडल पर विशेष फोकस
यात्रा के दौरान Aarhus Municipality Office का दौरा विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा। यहां ई-गवर्नेंस, आधुनिक शहरी प्रबंधन प्रणाली और नवाचार आधारित विकास मॉडल को नजदीक से समझा गया।
मंत्री श्री खर्रा ने वर्षा जल संचयन और स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम का अवलोकन करते हुए शहरी बाढ़ प्रबंधन और जल संरक्षण की टिकाऊ व्यवस्थाओं का अध्ययन किया। विशेषज्ञों ने बताया कि डेनमार्क ने तकनीक और पर्यावरण संतुलन के माध्यम से शहरी चुनौतियों का प्रभावी समाधान विकसित किया है। इन मॉडलों को राजस्थान के शहरी क्षेत्रों में भी उपयोगी माना जा रहा है।
“State of Green” मॉडल से मिले नए सुझाव
डेनमार्क के प्रसिद्ध “State of Green” अध्ययन दौरे के दौरान जलवायु अनुकूलन तकनीकों, आधुनिक जल आपूर्ति प्रणाली और प्रभावी अपशिष्ट जल प्रबंधन मॉडल का गहन अध्ययन किया गया। इस दौरान यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि भविष्य के सुरक्षित, स्वच्छ और सक्षम शहरों के निर्माण के लिए तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और सुशासित शहरी नियोजन का समन्वय अत्यंत आवश्यक है।
राजस्थान के शहरों को मिलेगा वैश्विक विजन
नगरीय विकास मंत्री श्री खर्रा ने कहा कि राजस्थान की डबल इंजन सरकार ऐसे आधुनिक शहर विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है, जो स्वच्छता, जल सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, तकनीकी नवाचार और नागरिक सुविधाओं के उच्च मानक स्थापित करें।
उन्होंने कहा कि डेनमार्क यात्रा केवल अध्ययन दौरा नहीं, बल्कि राजस्थान के शहरी विकास को वैश्विक अनुभवों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जोड़ने की दूरदर्शी पहल है। आने वाले समय में इन आधुनिक तकनीकों और मॉडलों को राजस्थान के शहरों में लागू कर उन्हें अधिक स्मार्ट, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाया जाएगा।