गांवों की ओर बढ़ा भरोसा: जाजोद में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चौपाल से लेकर चाय तक सुनी जनता की बात
पॉलिटिकल डेस्क। सुबह-सुबह गांव की गलियों में पहुंचे मुख्यमंत्री, ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद
अनन्य सोच। राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने सीकर जिले के जाजोद गांव में ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया, जिसने गांव और सरकार के बीच की दूरी को कम करने का संदेश दिया। गुरुवार देर रात तक रात्रि चौपाल लगाने के बाद शुक्रवार सुबह सूर्योदय होते ही मुख्यमंत्री गांव की गलियों में निकल पड़े। ग्रामीण जब अपने घरों से बाहर आए तो उन्होंने मुख्यमंत्री को अपने बीच सहज रूप से घूमते हुए पाया।
मुख्यमंत्री ने गांव की सड़कों और गलियों में पैदल भ्रमण करते हुए बुजुर्गों, महिलाओं, किसानों, पशुपालकों, फल एवं सब्जी विक्रेताओं तथा युवाओं से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर ग्रामीणों से सीधा फीडबैक लिया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।
मंदिरों में दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना
गांव भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने श्री गोपीनाथ जी मंदिर और शिव मंदिर में दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। धार्मिक स्थलों पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक स्वागत भी किया।
मुख्यमंत्री का सादगीपूर्ण व्यवहार ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। उन्होंने बच्चों से बड़े स्नेह के साथ बातचीत की, उनकी पढ़ाई-लिखाई के बारे में जानकारी ली और उन्हें चॉकलेट वितरित कर उत्साहित किया।
किसानों को आधुनिक खेती अपनाने का दिया संदेश
मुख्यमंत्री ने किसानों से स्थानीय फसलों, कृषि उत्पादों और पारंपरिक खेती पद्धतियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि नवाचार और उन्नत कृषि पद्धतियों के माध्यम से बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों और ग्रामीणों की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए संवेदनशीलता, जवाबदेही और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
मौके पर ही समस्याओं के समाधान के दिए निर्देश
ग्रामीणों द्वारा रखी गई समस्याओं और मांगों को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं का त्वरित, प्रभावी और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर देते हुए कहा कि आमजन को राहत पहुंचाना सरकार का मुख्य उद्देश्य है।
इस दौरान एक वीरांगना ने भावुक अपील करते हुए अपने पुत्र की प्रतिनियुक्ति संबंधी समस्या मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। मुख्यमंत्री ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए उनके पुत्र, जो वर्तमान में भीलवाड़ा में कार्यरत हैं, को सीकर एवं झुंझुनूं जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड, पलसाना में निरीक्षक पद पर प्रतिनियुक्ति देने के आदेश तत्काल प्रभाव से जारी करवाए।
यमुना जल समझौते को बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
मुख्यमंत्री ने यमुना जल समझौते को राजस्थान के किसानों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह समझौता भविष्य में जल संकट के समाधान और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार में मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने कहा कि राजस्थान असीम संभावनाओं वाला प्रदेश है और राज्य सरकार विरासत संरक्षण, हवेलियों के जीर्णोद्धार तथा सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
“गांव बनेंगे आत्मनिर्भर, तभी रुकेगा पलायन”
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ चाय पर चर्चा भी की और यूपीआई के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान कर डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि गांव का जीवन प्रकृति के निकट, शुद्धता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि शहरों की ओर पलायन की परंपरा बदले और गांव आत्मनिर्भर विकास के मजबूत केंद्र बनें। सरकार गांवों में रोजगार, आधारभूत सुविधाएं और विकास के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने कहा कि यह पहली बार है जब किसी मुख्यमंत्री ने गांव में रात्रि विश्राम कर आमजन के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को नजदीक से समझने और समाधान का प्रयास किया है।
इस अवसर पर विधायक Subhash Meel, Gordhan Verma सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।