अरावली की गोद में बनेगा आधुनिक आध्यात्मिक केन्द्र: विवेकानंद पार्क में 3 करोड़ की परियोजना से मिलेगा योग और ध्यान का नया ठिकाना
अनन्य सोच। अरावली पर्वतमाला की सुरम्य तलहटी में स्थित विवेकानंद पार्क को एक आधुनिक आध्यात्मिक, योग एवं ध्यान केन्द्र के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह केन्द्र शहरवासियों और पर्यटकों के लिए एक विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा।
विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने शनिवार को विवेकानंद पार्क का निरीक्षण कर प्रस्तावित परियोजना स्थल का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विशेष जोर दिया।
श्री देवनानी ने कहा कि अरावली की प्राकृतिक हरियाली और शांत वातावरण इस स्थान को ध्यान, योग और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाते हैं। यहां आने वाले लोग प्रकृति के बीच सुकून के साथ मेडिटेशन कर सकेंगे, जिससे उन्हें मानसिक शांति और स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। यह केन्द्र शहर की भागदौड़ भरी जीवनशैली के बीच लोगों को आंतरिक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा।
परियोजना के तहत विवेकानंद पार्क में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसमें एक भव्य हॉल, विशेष मेडिटेशन हॉल, योग हॉल, सेमीनार कक्ष, आकर्षक फव्वारे और व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण शामिल होगा। यह केन्द्र योग शिविरों, ध्यान सत्रों, आध्यात्मिक कार्यशालाओं और विभिन्न सेमीनारों के आयोजन के लिए एक आदर्श स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस पहल से अजमेर शहर को योग, अध्यात्म और ध्यान गतिविधियों के लिए एक नई पहचान मिलेगी। साथ ही यह स्थान स्थानीय नागरिकों को स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगा। यह केन्द्र समाज में मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
श्री देवनानी ने बताया कि इस परियोजना से न केवल स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भी यहां के शांत और प्राकृतिक वातावरण में आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। इससे अजमेर के पर्यटन और सांस्कृतिक महत्व को भी नई ऊंचाई मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान अजमेर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ विभिन्न योग एवं ध्यान संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को शहर के विकास और सांस्कृतिक उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।