“बाबा साहेब के सपनों को साकार करने का संकल्प”: राज्य स्तरीय समारोह में गूंजा सामाजिक न्याय और समावेशी विकास का संदेश

135वीं जयंती पर CM भजनलाल शर्मा ने की बड़ी घोषणाएं—200 अंबेडकर ई-लाइब्रेरी, आवासीय कोचिंग सेंटर और 1363 करोड़ DBT ट्रांसफर

“बाबा साहेब के सपनों को साकार करने का संकल्प”: राज्य स्तरीय समारोह में गूंजा सामाजिक न्याय और समावेशी विकास का संदेश

अनन्य सोच। भारत रत्न B. R. Ambedkar की 135वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और अंत्योदय के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र पर काम करते हुए समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास का उजियारा पहुंचा रही है।

युवाओं को दिया संदेश: बाबा साहेब के आदर्श अपनाएं

मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने कहा कि बाबा साहेब की शिक्षा और दूरदृष्टि आज भी शासन की कार्यप्रणाली की आधारशिला है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे B. R. Ambedkar के सिद्धांतों और आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

उन्होंने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग—विशेषकर पिछड़े, वंचित और जरूरतमंद लोगों—को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

बड़ी सौगातें: DBT से 1363 करोड़ ट्रांसफर, नई योजनाओं का शुभारंभ

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कई जनकल्याणकारी घोषणाएं और सौगातें दीं। पेंशन और पालनहार योजना के लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से 1363 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की गई।

इसके साथ ही 10 छात्रावास भवनों का लोकार्पण, 17 भवनों का शिलान्यास और जामडोली स्थित स्वयंसिद्धा परिसर में लाइब्रेरी का वर्चुअल उद्घाटन किया गया।

मुख्यमंत्री ने एआई आधारित ‘हेल्प डेस्क समाधान साथी’ की शुरुआत भी की, जिससे आमजन को योजनाओं की जानकारी और सहायता आसानी से मिल सके।

इसके अलावा, विशेष योग्यजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए और कन्यादान योजना के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता दी गई। मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।

शिक्षा और सशक्तिकरण पर जोर: ई-लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर की घोषणा

Bhajanlal Sharma ने नगरीय क्षेत्रों में 200 अंबेडकर ई-लाइब्रेरी स्थापित करने की घोषणा की, जिससे युवाओं को डिजिटल शिक्षा संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।

साथ ही, जयपुर के मूंडला स्थित अंबेडकर पीठ में आवासीय कोचिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए बड़ा अवसर साबित होगा।

वंचित वर्ग के विकास में तेजी: छात्रवृत्ति और योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार के मामलों में 28% से अधिक की कमी आई है।

शिक्षा के क्षेत्र में, अनुसूचित जाति उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 292 करोड़ रुपये खर्च कर 3.75 लाख विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है, जबकि जनजाति छात्रवृत्ति योजना में 534 करोड़ रुपये खर्च कर 3.21 लाख छात्रों को सहायता दी गई।

अति पिछड़ा वर्ग के 1.62 लाख विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति का लाभ मिल चुका है। इसके अलावा, डॉ. अंबेडकर दलित-आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत हजारों लाभार्थियों को ऋण प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया गया है।

अंत्योदय की दिशा में मजबूत कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अंत्योदय की भावना के साथ योजनाओं को लागू कर रही है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन को बढ़ाकर 1450 रुपये किया गया है।

उन्होंने बताया कि Narendra Modi के नेतृत्व में चल रही योजनाएं—स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना, पीएम आवास योजना और आयुष्मान भारत—का सबसे अधिक लाभ वंचित वर्ग को मिल रहा है।

पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं के कारण युवाओं को समय पर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।

समारोह में रही जनप्रतिनिधियों और आमजन की बड़ी भागीदारी

कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री Avinash Gehlot सहित कई जनप्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे और सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों की सराहना की।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने B. R. Ambedkar के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विशेष योग्यजनों को सहायक उपकरण वितरित किए।

विकास, समानता और न्याय का संदेश

यह राज्य स्तरीय आयोजन केवल एक श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और समावेशी विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का सशक्त संदेश बनकर उभरा।