ऊर्जा से समृद्धि तक: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बड़ा विजन—हर घर, हर खेत को मिले निर्बाध बिजली

ऊर्जा बैठक में उत्पादन बढ़ाने, छीजत घटाने और 2027 तक किसानों को दिन में बिजली देने का लक्ष्य; बैसाखी और अंबेडकर जयंती पर दिया सामाजिक समरसता का संदेश

ऊर्जा से समृद्धि तक: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बड़ा विजन—हर घर, हर खेत को मिले निर्बाध बिजली

अनन्य सोच। राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार उपभोक्ताओं को पर्याप्त और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रबंधन और दूरदर्शी निर्णयों के चलते प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, वहीं छीजत (लाइन लॉस) में भी कमी आई है।

ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता राजस्थान

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि, घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को बिना बाधा के बिजली उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य राजस्थान को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।

Bhajanlal Sharma ने बताया कि राज्य ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। हर घर और हर खेत तक गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

किसानों के लिए बड़ी राहत: 24 जिलों में दिन में बिजली

बैठक में किसानों के लिए चल रही दिन में बिजली आपूर्ति योजना को बड़ी उपलब्धि बताया गया। वर्तमान में प्रदेश के 24 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे खेती-किसानी का काम आसान और सुरक्षित हुआ है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वर्ष 2027 तक यह सुविधा पूरे राजस्थान में लागू कर दी जाएगी, जिससे किसानों की उत्पादकता और जीवन स्तर में सुधार होगा।

भविष्य की ऊर्जा जरूरतों पर फोकस: स्टोरेज प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने पम्प स्टोरेज प्रोजेक्ट्स और बैटरी स्टोरेज सिस्टम्स को भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पम्प स्टोरेज परियोजनाएं सस्ती होने के साथ लंबे समय तक कारगर रहती हैं, जबकि बैटरी स्टोरेज स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देता है।

उन्होंने अधिकारियों को इन परियोजनाओं की गति तेज करने के निर्देश दिए, ताकि आने वाले समय में उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता की बिजली मिल सके।

बैठक में ऊर्जा राज्य मंत्री Hiralal Nagar, मुख्य सचिव V. Srinivas, वित्त विभाग के प्रमुख शासन सचिव Vaibhav Galriya और ऊर्जा विभाग की शासन सचिव Aarti Dogra सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

बैसाखी पर गुरुद्वारे में मत्था टेककर दी खुशहाली की कामना

इससे पहले, Baisakhi के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने जयपुर के प्रताप नगर स्थित गुरुद्वारे में मत्था टेका और प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

उन्होंने कहा कि बैसाखी केवल फसल कटाई का त्योहार नहीं, बल्कि नई शुरुआत और उम्मीद का प्रतीक है। किसान की मेहनत जब खेतों में लहलहाती है, तो हर व्यक्ति के मन में संतोष का भाव उत्पन्न होता है।

मुख्यमंत्री ने सिख समाज के योगदान को सराहते हुए कहा कि उनकी सेवा और समर्पण ने राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने Guru Gobind Singh के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्चाई और समानता ही मानवता की सबसे बड़ी पहचान है।

गुरुद्वारे की ‘पंगत’ परंपरा को उन्होंने सामाजिक समानता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

अंबेडकर जयंती पर बाबा साहेब को नमन

इसी दिन मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने B. R. Ambedkar की 135वीं जयंती के अवसर पर जयपुर स्थित अंबेडकर सर्किल में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

उन्होंने बाबा साहेब को सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों के अग्रदूत बताते हुए कहा कि उनका जीवन समाज के हर वर्ग को प्रेरित करता है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री Premchand Bairwa, शिक्षा मंत्री Madan Dilawar, विधि मंत्री Jogaram Patel सहित कई जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित रहे।

विकास और मूल्यों का संतुलित संदेश

ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति से लेकर सामाजिक समरसता और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता तक, मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma का यह दिन विकास और मूल्यों के संतुलन का प्रतीक रहा।