world heritage day special: रजवाड़ों और घरानों की शाही व्यंजनों को देशभर में प्रस्तुत कर रहे शेफ डॉ सौरभ

world heritage day special: 18 अप्रैल को वर्ल्ड हेरिटेज डे पर राजस्थान की पाक हेरिटेज पर विशेष

world heritage day special: रजवाड़ों और घरानों की शाही व्यंजनों को देशभर में प्रस्तुत कर रहे शेफ डॉ सौरभ

Ananya soch: world heritage day special

अनन्य सोच। world heritage day special: महारानी गायत्री देवी की रसोई की शान 'चांदी की दाल' और 'हुज़ूर का पुलाव', वहीं शाहजहां द्वारा बनाए गए नागौर के किले की दास्तां 'नागौरी क़ौरमा' हो या जोधपुर घराने का प्रसिद्ध 'खड़ मुर्ग' हो, राजस्थान अपने इतिहास में ऐसी कई रेसेपीज संजोय बैठा है. ऐसी ही कुछ राजस्थान की रॉयल परिवारों के खजानों में छुपी चुनिंदा रेसिपीज़ को जाने-माने शेफ डॉ सौरभ शर्मा पूरे भारत तक पंहुचा रहे है. राजस्थान के रजवाड़ों की रसोई की शान और पाक विरासत को जीवित रखने की कोशिश कर रहे शेफ सौरभ कई बड़ी उपाधियां अपने नाम कर चुके है. नेशनल चैनल फ़ूडएक्स्पी पर शो राजस्थानी रसोई के पहले सीजन की सफलता के बाद अब सीजन 2 के 10 एपिसोड्स के शो में शेफ जयपुर घराना, मेवाड़ घराना, जोधपुर घराना, बीकानेर घराना, कोटा घराना सहित विभिन्न रजवाड़ों के समय, स्वाद और सरलता को टीवी पर प्रस्तुत कर रहे है. 


2018, 2019 में इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स और 2023 में लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स हासिल कर चुके शेफ सौरभ ने इंडियन फ़ूड में मास्टरी और राजस्थान के लुफ्त व्यंजनों और उसका पर्यटन उद्योग पर प्रभाव पर डॉक्टरी की है. साथ ही वे राजस्थान के मिलेटस - बाजरा और जवार को अपनी डिशेस में मुख्य रूप से बढ़ावा देते रहे है. जिसके चलते शेफ को एफएसएसआई द्वारा प्रसार भारती दिल्ली पर आयोजित हुए कार्यक्रम में शेफ रणवीर बरार, शेफ राकेश शेट्टी के साथ मिलेटस ऑफ़ इंडिया थीम पर राजस्थान मिलेटस पर तैयार की गई डिशेस की रेसिपीज़ शोकेस करने के आमंत्रित किया गया था. वहीं भारत सरकार द्वारा भारत पर्व के दौरान लाल किले पर लाइव कुकिंग करने के लिए पूरे देश से चयनित किए गए 6 शेफ्स में राजस्थान से सिर्फ उनका चयन किया गया.

मास्टरशेफ इंडिया की रीजनल ज्यूरी शेफ सौरभ ने बताया कि राजस्थानी खाने और उससे जुडी कहानियां हमारे प्रदेश की धरोहर है. राजस्थान के हर क्षेत्र से रॉयल क्यूज़ीन के साथ ही वहां की रिवाज़ और शौर्य की कहानी को भी मैं थाली में सजाने की कोशिश करता हूं. चाहे वो कोटा राजघराने और चम्बल नदी से निकली 'राई की मच्छी, दही मैथी मच्छी' हो या मंडोर की मुगलों पर जीत की कहानी 'बाजर मींढा' हो. इन सभी रेसिपीज़ को इतिहास के पन्नों से निकलने के लिए मैंने राजस्थान की कई रॉयलिटीज का इंटरव्यू लिया, लिटरेचर की किताबों का सहारा लिया साथ ही राज्य में विभिन्न जगहों पर संग्रह की गई मेन्यूस्क्रिप्ट्स से इन रेसिपीज़ के मसालों और प्रजनन की जानकारी हासिल की है.