राइजिंग राजस्थान से उद्योगों को नई रफ्तार, रीको ने रचा भूखण्ड आवंटन का नया कीर्तिमान
निवेश अनुकूल नीतियों से प्रदेश बना उद्योगों की पहली पसंद
अनन्य सोच। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “राइजिंग राजस्थान” और निवेश प्रोत्साहन नीतियों का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। प्रदेश में लगातार नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं और निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) द्वारा जारी आंकड़े बताते हैं कि वित्तीय वर्ष 2025-26 उद्योग और निवेश के लिहाज से ऐतिहासिक साबित हुआ है।
हर दिन औसतन 6 भूखण्ड आवंटित
रीको ने पिछले वित्तीय वर्ष में रिकॉर्ड 2,072 औद्योगिक भूखण्ड आवंटित किए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 135 प्रतिशत अधिक हैं। पिछले दस वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो यह अब तक का सबसे बड़ा भूखण्ड आवंटन है।
औसतन हर दिन 6 भूखण्ड निवेशकों को आवंटित किए गए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ रही है।
21 नए औद्योगिक क्षेत्रों की सौगात
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए रीको द्वारा वर्ष 2025-26 में 21 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की गई। यह पिछले दस वर्षों में सर्वाधिक है।
इसका अर्थ है कि लगभग हर 17 दिन में एक नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया। इन नए क्षेत्रों से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
10 हजार एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण
नए निवेश और उद्योगों की बढ़ती मांग को देखते हुए रीको ने 10,440 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया है। यह भी पिछले दस वर्षों का सबसे बड़ा भूमि अधिग्रहण माना जा रहा है।
इस भूमि का उपयोग नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना, निवेश परियोजनाओं और औद्योगिक आधारभूत संरचना के विस्तार के लिए किया जाएगा।
आधारभूत सुविधाओं पर 539 करोड़ रुपये खर्च
रीको ने केवल भूमि आवंटन तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि निवेशकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास पर करीब 539 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इससे उद्योगों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा और निवेशकों का भरोसा और मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री की मंशा से उद्योगों को मिल रही नई दिशा
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव Shikhar Agrawal ने कहा कि मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma की मंशा के अनुरूप प्रदेश में रिकॉर्ड स्तर पर भूमि आवंटन किया गया है।
उन्होंने कहा कि “राइजिंग राजस्थान” और निवेश अनुकूल नीतियों के कारण राज्य में उद्योगों के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है। सरकार निवेशकों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
रोजगार और आर्थिक विकास को मिलेगा बल
विशेषज्ञों का मानना है कि इन नई औद्योगिक परियोजनाओं से प्रदेश में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। साथ ही, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और राजस्थान राष्ट्रीय स्तर पर औद्योगिक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा।