डीजीपी से मिला यूनिसेफ प्रतिनिधिमंडल, ‘चाइल्ड फ्रेंडली पुलिसिंग’ को और मजबूत बनाने पर मंथन
महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा, साइबर अवेयरनेस और सामुदायिक पुलिसिंग पर बनी साझा रणनीति
अनन्य सोच। राजस्थान में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में बुधवार को पुलिस मुख्यालय, जयपुर में अहम बैठक आयोजित हुई। इस दौरान UNICEF इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी राजीव कुमार शर्मा से मुलाकात कर “चाइल्ड फ्रेंडली पुलिसिंग” कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में यूनिसेफ की ओर से चल रही पहलों पर संतोष जताते हुए उन्हें और मजबूत करने पर जोर दिया गया। विशेष रूप से ‘कालिका पेट्रोलिंग यूनिट’, ‘सुरक्षा सखी’ और ‘वत्सल वार्ता’ जैसे नवाचारों को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के प्रभावी मॉडल के रूप में सराहा गया। दोनों पक्षों ने समन्वय बढ़ाकर इन पहलों को व्यापक स्तर पर लागू करने पर सहमति जताई।
चर्चा के दौरान बाल सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। वर्तमान कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए “सिस्टम स्ट्रेंथनिंग” और “स्केल-अप” मॉडल को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इन योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
सामुदायिक पुलिसिंग को मिलेगा बढ़ावा
डीजीपी ने सामुदायिक पुलिसिंग को सशक्त बनाने पर बल देते हुए कहा कि स्कूलों में ऑनलाइन सेफ्टी और साइबर जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से चलाना आवश्यक है। बच्चों को अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए पुलिस और समाज के बीच सक्रिय सहभागिता जरूरी है।
बैठक में महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित, जागरूक और सशक्त बनाने के लिए कई सुझाव सामने आए। इन सुझावों के आधार पर यूनिसेफ द्वारा जल्द ही विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत की जाएगी।