तमिलनाडु में सियासी भूचाल: विजय की TVK बनी सबसे बड़ी पार्टी, DMK सत्ता से बाहर, राज्य में हैंग असेंबली

तमिलनाडु में सियासी भूचाल: विजय की TVK बनी सबसे बड़ी पार्टी, DMK सत्ता से बाहर, राज्य में हैंग असेंबली

अनन्य सोच। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की पारंपरिक द्रविड़ राजनीति को हिला कर रख दिया है। अभिनेता से राजनेता बने जोसेफ विजय की पार्टी तमिलागा वेट्री कजगम (TVK) ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनने का गौरव हासिल किया है। हालांकि किसी भी दल या गठबंधन को बहुमत के आंकड़े 118 तक पहुंचने में सफलता नहीं मिली, जिससे राज्य में हैंग असेंबली की स्थिति बन गई है।

सत्तारूढ़ एम.के. स्टालिन की DMK को इस चुनाव में करारा झटका लगा और वह 59 सीटों तक सिमट गई। वहीं AIADMK ने 47 सीटों के साथ अपनी मौजूदगी बनाए रखी। कांग्रेस को 5, पीएमके को 4 सीटें मिलीं, जबकि अन्य दलों ने शेष सीटों पर जीत दर्ज की।

 चुनाव परिणाम का चार्ट

पार्टी / गठबंधन सीटें (2026) वोट शेयर (%) स्थिति
TVK 108 34.9% ???? सबसे बड़ी पार्टी
DMK+ 59 31.4% ???? बड़ी गिरावट
AIADMK+ 47 27.2% ???? मजबूत उपस्थिति
कांग्रेस 5 ⚪ सीमित
PMK 4 ⚪ सीमित
अन्य 11 ⚪ निर्णायक

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक 23 अप्रैल को हुए मतदान में रिकॉर्ड 85.10% मतदाताओं ने हिस्सा लिया, जो राज्य में लोकतांत्रिक भागीदारी का बड़ा संकेत है। 4 मई को हुई मतगणना में TVK ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी और अंततः सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।

विजय फैक्टर और एंटी-इनकंबेंसी

TVK की सफलता के पीछे विजय की लोकप्रियता, युवाओं का व्यापक समर्थन और DMK सरकार के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी लहर को मुख्य कारण माना जा रहा है। DMK सरकार पर भ्रष्टाचार, परिवारवाद, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे। विजय ने “नई उम्मीद, नया तमिलनाडु” का नारा देकर मतदाताओं को आकर्षित किया।

विजय ने पेरांबुर सीट से शानदार जीत दर्ज की, जबकि तिरुचिरापल्ली ईस्ट में भी कड़ी टक्कर दी। उनकी पार्टी ने चेन्नई, कोयंबटूर और मदुरै जैसे प्रमुख शहरों में मजबूत प्रदर्शन किया।

दिग्गजों को झटका

इस चुनाव में कई बड़े नेताओं को हार का सामना करना पड़ा। एम.के. स्टालिन अपनी सीट कोलाथुर से हार गए, जबकि उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन ने अपनी सीट बचाई। AIADMK के एडप्पादी पलनिस्वामी अपनी सीट जीतने में सफल रहे। इन परिणामों ने पारंपरिक दलों के प्रभाव को कमजोर कर दिया है।

क्षेत्रीय प्रदर्शन

उत्तर तमिलनाडु में TVK की लहर साफ दिखाई दी, खासकर चेन्नई और आसपास के इलाकों में। दक्षिणी जिलों में TVK और AIADMK के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। पश्चिमी तमिलनाडु के औद्योगिक क्षेत्रों में TVK ने मजबूत पकड़ बनाई, जबकि डेल्टा क्षेत्र में DMK के गढ़ में भी सेंध लगाई।

आगे की रणनीति और चुनौतियां

हैंग असेंबली के चलते अब सरकार गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। TVK पोस्ट-पोल गठबंधन के प्रयासों में जुटी है। विजय ने कहा कि यह “युवाओं और आम जनता की जीत” है और वे विकास, सामाजिक न्याय तथा पारदर्शी शासन देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

नई सरकार के सामने कई चुनौतियां होंगी—कृषि संकट का समाधान, औद्योगिक निवेश बढ़ाना, आईटी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करना तथा सामाजिक संतुलन बनाए रखना। साथ ही, हैंग असेंबली में स्थिर सरकार देना सबसे बड़ी परीक्षा होगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम तमिलनाडु की राजनीति में नए युग की शुरुआत है। लंबे समय से चले आ रहे द्रविड़ दलों के वर्चस्व को पहली बार इतनी बड़ी चुनौती मिली है।