“स्त्री: देह से आगे” — फिक्की फ्लो जयपुर का प्रेरणादायी सत्र, महिलाओं के बहुआयामी स्वरूप पर हुआ मंथन
कॉनस्टिट्यूशन क्लब में आयोजित विचारोत्तेजक संवाद, बौद्धिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक शक्ति पर डाला गया प्रकाश
अनन्य सोच। FICCI FLO Jaipur की ओर से कॉनस्टिट्यूशन क्लब में “स्त्री: देह से आगे” विषय पर एक विशेष सत्र का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महिलाओं के अस्तित्व को केवल शारीरिक पहचान तक सीमित न मानते हुए उनके बौद्धिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक आयामों पर गहन चर्चा की गई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता Gulab Kothari ने अपने दीर्घ अनुभव और व्यापक अध्ययन के आधार पर समाज, संस्कृति और जीवन मूल्यों से जुड़े विषयों पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि स्त्री केवल एक देह नहीं, बल्कि सृजन, संवेदना और चेतना की जीवंत अभिव्यक्ति है, जिसे समझना और सम्मान देना समाज के संतुलित विकास के लिए आवश्यक है।
इस आयोजन का नेतृत्व Vrinda Kothari ने किया, जिनके मार्गदर्शन में यह सत्र महिलाओं के सशक्तिकरण और सार्थक संवाद का प्रभावी मंच बना। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें प्रतिभागियों ने अपनी माताओं और 21 वर्ष से अधिक आयु की बेटियों के साथ सहभागिता की, जिससे मातृ दिवस के अवसर पर यह आयोजन भावनात्मक रूप से और भी खास बन गया।
विभिन्न पृष्ठभूमियों से आई महिलाओं ने इस सत्र में सक्रिय भागीदारी निभाई। संवाद के माध्यम से आत्मचिंतन, अनुभवों के आदान-प्रदान और आत्म-विकास के नए आयाम सामने आए। उपस्थित प्रतिभागियों ने इस पहल को समय की आवश्यकता बताते हुए इसकी सराहना की।
इस अवसर पर फिक्की फ्लो जयपुर ने महिलाओं के सर्वांगीण विकास और समाज में उनकी सशक्त भूमिका को बढ़ावा देने के अपने संकल्प को दोहराया। यह सत्र न केवल विचार-विमर्श का मंच बना, बल्कि महिलाओं के भीतर छिपी संभावनाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने की प्रेरणा भी देता नजर आया।