विश्व नृत्य दिवस पर रंगायन में सजेगी सुर-लय की महफिल, कथक और लोकनृत्य का होगा अद्भुत संगम

45 कलाकारों की प्रस्तुति से जीवंत होगी राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत, निःशुल्क प्रवेश के साथ आमजन को खुला आमंत्रण

विश्व नृत्य दिवस पर रंगायन में सजेगी सुर-लय की महफिल, कथक और लोकनृत्य का होगा अद्भुत संगम

अनन्य सोच। जवाहर कला केन्द्र द्वारा विश्व नृत्य दिवस 2026 के उपलक्ष्य में 28 अप्रैल को एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर दर्शकों को जयपुर घराने के कथक नृत्य की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के साथ-साथ राजस्थान के पारंपरिक लोकनृत्यों की रंगारंग झलक देखने को मिलेगी। कार्यक्रम भारतीय कला और संस्कृति की विविधता को एक मंच पर प्रस्तुत करेगा।

यह आयोजन जवाहर कला केन्द्र एवं जयपुर कथक केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। इसमें कुल 45 कलाकार भाग लेंगे, जिनमें 38 नृत्य कलाकार और 7 संगत कलाकार शामिल हैं। सभी कलाकार अपनी प्रस्तुति के माध्यम से शास्त्रीय और लोक नृत्य परंपराओं की समृद्धि को सजीव रूप में दर्शाएंगे।

अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. अनुराधा गोगिया ने बताया कि यह कार्यक्रम दर्शकों को कथक के जयपुर घराने की विशिष्ट शैली और राजस्थान की लोक संस्कृति से परिचित कराने का एक बेहतरीन अवसर है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल कला के संरक्षण और संवर्धन में सहायक होते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य भी करते हैं।

कार्यक्रम का आयोजन केंद्र के रंगायन सभागार में सायं 7:00 बजे से प्रारंभ होगा। आयोजन में प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सांस्कृतिक उत्सव का हिस्सा बन सकें और भारतीय नृत्य परंपरा की सुंदरता का आनंद ले सकें।

आयोजकों ने कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और आमजन से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में उपस्थित होकर कलाकारों का उत्साहवर्धन करें। यह संध्या न केवल मनोरंजन का माध्यम बनेगी, बल्कि भारतीय संस्कृति की गहराई और विविधता को महसूस करने का एक अनूठा अवसर भी प्रदान करेगी।