नायिका के फरार होने से मचा हड़कंप, फिर भी ठहाकों से गूंजा ‘पर्दा उठने से पहले’
एंटरटेनमेंट डेस्क। रंगमंच के पीछे की सच्चाई पर हास्य का तड़का
Ananya soch: Rajasthan Day Event
अनन्य सोच। Cultural Programs Jaipur: राजस्थान दिवस समारोह 2026 के अंतर्गत कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग तथा Ravindra Manch Jaipur के सहयोग से रस रंग मंच संस्था द्वारा 18 मार्च को शाम 7 बजे हास्य नाटक “पर्दा उठने से पहले” का सफल मंचन किया गया। नाटक का लेखन राजेंद्र कुमार शर्मा ने किया, जबकि नाट्य रूपांतरण और निर्देशन हिमांशु झांकल द्वारा किया गया।
नायिका के गायब होने से शुरू हुआ ड्रामा
नाटक की कहानी एक प्रसिद्ध नाट्य निर्देशक अनिल के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी प्रस्तुति से तीन दिन पहले ही नायिका वीना अचानक फरार हो जाती है। इस अप्रत्याशित स्थिति में साथी कलाकार उसे अपनी पत्नी शीला को नायिका बनाने की सलाह देते हैं। मजबूरी में अनिल शीला को तैयार करता है, जिससे हास्यपूर्ण घटनाओं की झड़ी लग जाती है।
ठहाकों से गूंजा मंच
शीला को अभिनय सिखाने के दौरान पड़ोसियों और अन्य पात्रों की दखलंदाजी से कई मजेदार परिस्थितियां बनती हैं। अंत में जब असली नायिका लौटती है, तो कहानी नया मोड़ लेती है। ईर्ष्या और उलझनों के बीच भी नाटक सकारात्मक अंत के साथ दर्शकों को हंसी और संदेश दोनों दे जाता है।
कलाकारों का शानदार प्रदर्शन
नाटक में अनिल की भूमिका में विनोद कुमार परिडवाल, शीला के रूप में सीमा किराड़ और वीना के किरदार में वर्षा भाटी ने प्रभावशाली अभिनय किया। साथ ही अन्य कलाकारों—सुमित बैरवा, नरेंद्र जानी, आकाश बैरवा, देवांग सैनी, राघव माहेश्वरी, ऋतु भाटी, हसन अली, विना मोदवानी और पूजा यादव—ने भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
तकनीकी टीम का योगदान
वस्त्र सज्जा रति महर्षि, प्रकाश संचालन अशोक बेनिवाल व विजेंद्र निर्वान, पार्श्व संगीत हिमांशु और हितेंद्र तथा मंच सज्जा में राज केतन, हितेंद्र लक्ष्य और प्रांजल का विशेष योगदान रहा। यह इस लोकप्रिय नाटक की आठवीं प्रस्तुति थी, जिसने दर्शकों को ठहाकों से सराबोर कर दिया।