Jaipur Literature Festival: कहानियों का सेतु. वंचित बच्चों तक पहुँच. प्रथम बुक्स और JLF के स्कूल आउटरीच के 16 वर्ष पूरे
Ananya soch: Jaipur Literature Festival
अनन्य सोच। प्रथम बुक्स और जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल की साझेदारी में संचालित स्कूल आउटरीच प्रोग्राम ने वंचित बच्चों तक साहित्य पहुँचाने के 16 वर्ष पूरे कर लिए हैं. यह पहल फ़ेस्टिवल की भावना को मंचों से बाहर निकालकर उन समुदायों तक ले जाती है, जहाँ किताबों और पढ़ने के संसाधनों की पहुँच सीमित है. स्कूलों, NGOs, शेल्टर होम्स, जुवेनाइल जस्टिस होम्स, आफ्टर स्कूल सेंटर्स और कम्युनिटी स्पेसेज़ में यह प्रोग्राम कहानियों, लेखकों और रचनात्मक गतिविधियों के ज़रिए बच्चों को जोड़ता है.
वर्ष 2025 में 17 से 24 दिसंबर के बीच दिल्ली में 25 आउटरीच सेशंस आयोजित किए गए, जिनसे 1,200 से अधिक बच्चों तक पहुँच बनी. इन सेशंस में आसरा चिल्ड्रेन होम, उड़ान–DMRC चिल्ड्रेन होम फ़ॉर गर्ल्स, चाइल्ड सर्वाइवल इंडिया, प्रांगण सेंटर्स, नई दिशा एजुकेशनल एंड कल्चरल सोसाइटी, MCD स्कूल, सर्वोदय बाल विद्यालय और जुवेनाइल जस्टिस होम शामिल रहे.
हर सेशन में इंटरएक्टिव स्टोरीटेलिंग, कठपुतली, संगीत, मूवमेंट और कला के माध्यम से बच्चों की सक्रिय भागीदारी को केंद्र में रखा गया. अपने 16वें वर्ष में यह प्रोग्राम दिल्ली और जयपुर के 75 केंद्रों के ज़रिए लगभग 6,000 बच्चों तक पहुँचा. अब तक 500 से अधिक संस्थानों में 1,000 से ज़्यादा सेशंस के माध्यम से 50,000 से अधिक बच्चों को पुस्तकों और कहानियों से जोड़ा जा चुका है.
प्रथम बुक्स के CEO हिमांशु गिरी ने कहा कि हर बच्चे तक कहानी पहुँचाना ही इस साझेदारी का मूल विश्वास है. वहीं आउटरीच टीम का मानना है कि जब कहानियाँ बच्चों के अनुभवों से जुड़ती हैं, तो कल्पनाशक्ति और आत्मविश्वास दोनों को नई उड़ान मिलती है.