“Education with a Change” थीम पर अवध ओझा ने दिया विद्यार्थियों को नया दृष्टिकोण

Ananya soch
अनन्य सोच। राजधानी जयपुर के मानसरोवर स्थित दीप स्मृति ऑडिटोरियम में रविवार को चहल अकादमी की ओर से “Education with a Change” थीम पर एक भव्य सेमिनार का आयोजन किया गया. इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को न केवल सही मार्गदर्शन देना था, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से सशक्त बनाना भी रहा.
इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में देश के प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर एवं यूपीएससी शिक्षक अवध ओझा ने विद्यार्थियों को संबोधित किया. ओझा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी केवल मेहनत का नहीं बल्कि सही रणनीति, धैर्य और आत्मविश्वास का खेल है. उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान ध्यान भटकाव से बचने, समय का प्रभावी प्रबंधन करने और बढ़ते शैक्षणिक दबाव को अवसर में बदलने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया.
कार्यक्रम में चहल अकादमी के फाउंडर यश चौधरी ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है जहाँ वे अनुभवी शिक्षकों से प्रत्यक्ष संवाद कर सकें और अपनी शंकाओं का समाधान पा सकें. उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को केवल किताबों से नहीं बल्कि वास्तविक जीवन के अनुभवों और सकारात्मक सोच से भी प्रेरणा लेने की आवश्यकता है.
सेमिनार में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए करीब 2500 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने ओझा के विचारों को बड़े ध्यान से सुना और कई सवाल भी पूछे, जिनका उन्होंने सहज और प्रेरक उत्तर दिया.
कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण रहा वह पल जब अवध ओझा ने घोषणा की कि वे लंबे समय तक चहल अकादमी से जुड़े रहेंगे और अपने अनुभवों व ज्ञान को यहां के विद्यार्थियों के साथ साझा करेंगे. यह घोषणा सुनकर छात्रों में उत्साह और उम्मीद की नई लहर दौड़ गई.
सेमिनार के अंत में चहल अकादमी की टीम ने सभी विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया और आगे भी ऐसे आयोजन जारी रखने का संकल्प लिया. यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक साबित हुआ बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भरने वाला भी रहा.