अस्पतालों में लापरवाही पर सख्ती: प्रोटोकॉल उल्लंघन पर संस्थान प्रभारी और यूनिट हेड होंगे जवाबदेह

कोटा घटना के बाद चिकित्सा विभाग अलर्ट, सभी अस्पतालों में बढ़ेगी निगरानी

अस्पतालों में लापरवाही पर सख्ती: प्रोटोकॉल उल्लंघन पर संस्थान प्रभारी और यूनिट हेड होंगे जवाबदेह

अनन्य सोच। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में अब उपचार संबंधी सभी प्रोटोकॉल्स की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाएगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इमरजेंसी, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर सहित सभी संवेदनशील इकाइयों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कहीं भी प्रोटोकॉल उल्लंघन या उपचार में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित संस्थान प्रभारी और यूनिट हेड को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा।

उच्च स्तरीय बैठक में दिए कड़े निर्देश

शासन सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि कोटा में प्रसूताओं की मौत और स्वास्थ्य बिगड़ने की हालिया घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मामले की निष्पक्ष और गहन जांच जारी है तथा प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए चिकित्सकों और नर्सिंग कार्मिकों पर सख्त कार्रवाई भी की जा चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हुई तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर में नियमित स्टरलाइजेशन अनिवार्य

श्रीमती राठौड़ ने निर्देश दिए कि सभी अस्पताल प्रभारी आईसीयू, आपातकालीन इकाई और ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्थाओं की नियमित जांच करें। इन इकाइयों में समय-समय पर स्टरलाइजेशन सुनिश्चित किया जाए ताकि संक्रमण फैलने की आशंका को रोका जा सके। साथ ही उपचार में उपयोग होने वाली मशीनों और उपकरणों का भी निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार संक्रमणमुक्त किया जाना अनिवार्य होगा।

उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी चिकित्सा प्रक्रियाएं तय मानकों के अनुसार ही संचालित हों और इसकी निरंतर निगरानी की जाए।

राज्य स्तर से होगी विशेष मॉनिटरिंग

प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि राज्य स्तर से भी विशेष टीमें गठित कर विभिन्न अस्पतालों का निरीक्षण कराया जाएगा। जहां भी कमियां पाई जाएंगी, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक व्यवस्थाओं और संसाधनों के लिए आरएमआरएस निधि का उपयोग भी किया जा सकेगा।

इसके अलावा अस्पतालों में दवाओं के भंडारण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि दवाओं को निर्धारित मानकों के अनुसार सुरक्षित रखा जाए ताकि गुणवत्ता और प्रभावशीलता बनी रहे।

ड्यूटी के दौरान वरिष्ठ चिकित्सकों की मौजूदगी जरूरी

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि अस्पतालों में चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के ड्यूटी रजिस्टर का समुचित संधारण किया जाए। सभी कार्मिक समय पर उपस्थित रहें और पूरे ड्यूटी समय तक अस्पताल में उपलब्ध रहें। विशेष रूप से आईसीयू, इमरजेंसी और ऑपरेशन थिएटर जैसे संवेदनशील विभागों में वरिष्ठ चिकित्सकों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएगी।

प्रमुख शासन सचिव ने चिकित्सा शिक्षा आयुक्त और निदेशक जनस्वास्थ्य को निर्देश दिए कि सभी अस्पतालों में प्रोटोकॉल पालन के लिए नई गाइडलाइन पुनः जारी की जाए।

बैठक में चिकित्सा शिक्षा आयुक्त श्री बाबूलाल गोयल, आरएमएससीएल के प्रबंध निदेशक श्री पुखराज सेन, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. निधि पटेल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।