निःशुल्क दवा योजना पर सरकार का स्पष्ट संदेश — खर्च में कोई कटौती नहीं होगी, विधानसभा में मंत्री का ऐलान

निःशुल्क दवा योजना पर सरकार का स्पष्ट संदेश — खर्च में कोई कटौती नहीं होगी, विधानसभा में मंत्री का ऐलान

Ananya soch: Free Drug Scheme Rajasthan

अनन्य सोच। State Healthcare Budget: मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान (दवा) योजना के तहत दवाओं पर होने वाले खर्च में किसी भी तरह की कमी नहीं की जाएगी. (Rajasthan Health Minister Statement) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह ने मंगलवार को विधानसभा में यह स्पष्ट किया. उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा योजना के अंतर्गत दवाओं की उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और आगामी अवधि में भी इसका दायरा एवं गुणवत्ता बनाए रखी जाएगी.

मंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 में योजना के अंतर्गत 1 हजार 572 करोड़ रुपये व्यय किए गए. वर्ष 2024 में यह राशि बढ़कर 1 हजार 725 करोड़ रुपये रही, जबकि वर्ष 2025 में 1 हजार 656 करोड़ रुपये खर्च किए गए. उन्होंने कहा कि ये आंकड़े स्वयं इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार ने कभी भी निःशुल्क दवा योजना के बजट में कटौती नहीं की है.

आरजीएचएस योजना की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि वर्ष 2023-24 में 19.71 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा. इसी प्रकार वर्ष 2024-25 में 19.95 करोड़ तथा वर्ष 2025-26 में दिसंबर तक 15.73 करोड़ व्यक्तियों को योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में लाभार्थियों की संख्या और बढ़ेगी.

प्रश्नकाल के दौरान विधायक हरिमोहन शर्मा द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने कफ सिरप से जुड़ी मौतों के मामलों पर स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि इन मामलों में किसी भी विभागीय चिकित्सक द्वारा दवा का प्रिस्क्रिप्शन नहीं लिखा गया था. जांच में सामने आएगा कि एक मामले में माता-पिता द्वारा बिना चिकित्सकीय सलाह के कफ सिरप दिया गया, जिससे ओवरडोज के कारण बच्चे की मृत्यु हुई. अन्य मामलों में बच्चों की मृत्यु कोमॉरबिडिटी यानी अन्य गंभीर बीमारियों के कारण हुई.

मंत्री ने बताया कि जनवरी 2023 से दिसंबर 2025 तक मुख्यमंत्री (RGH Scheme Beneficiaries) निःशुल्क निरोगी राजस्थान (दवा) योजना के अंतर्गत वर्षवार एवं जिलेवार आवंटित और व्यय की गई राशि का विवरण सदन के पटल पर रखा जाएगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि योजना के प्रचार-प्रसार के लिए अलग से कोई बजट स्वीकृत नहीं किया जाएगा. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अन्य गतिविधियों के अंतर्गत ही इसका प्रचार किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि योजना के तहत 4710 मशीन विद मैन, 251 फार्मासिस्ट और 598 डीडीसी हेल्पर की सेवाएं ली जा रही हैं. सभी संविदा कर्मियों को नियमानुसार मानदेय का भुगतान किया जाएगा. साथ ही दवा खरीद के लिए जिन कंपनियों को एलओए जारी किए गए हैं, उनकी पूरी सूची सदन में रखी जाएगी.