India Stonemart 2026: राजस्थान के पत्थर उद्योग को मिलेगी नई वैश्विक पहचान
Ananya soch: India Stonemart 2026
अनन्य सोच। Jaipur Industrial Events: उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि इंडिया स्टोनमार्ट 2026 का आयोजन राजस्थान के पत्थर उद्योग के लिए एक बड़ा अवसर साबित होगा. इससे प्रदेश के स्टोन उद्योग को नई गति मिलेगी और कारीगरों, उद्यमियों व निवेशकों को देश-विदेश की नवीनतम तकनीक, डिजाइन और बाजार की जानकारी एक ही मंच पर प्राप्त होगी. रीको, सीडोस और लघु उद्योग भारती के (RIICO, SIDOS and Laghu Udyog Bharti) संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन नीति संवाद, तकनीकी नवाचार और वैश्विक सहयोग का सशक्त मंच बनेगा.
Colonel Rajyavardhan Rathore शुक्रवार को India Stonemart 2026 को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि राजस्थान इस आयोजन में भाग लेने वाले देश-विदेश के प्रतिभागियों, खरीदारों और उद्योग प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है. वर्ष 2000 में शुरू हुआ India Stonemart अब अपने 13वें संस्करण में प्रवेश कर चुका है और इस वर्ष का आयोजन अब तक का सबसे भव्य और व्यापक आयोजन होगा. इसमें चीन, तुर्की, ईरान, थाइलैंड, इटली सहित कई देशों से प्रदर्शक भाग लेंगे, जो राजस्थान को वैश्विक स्टोन उद्योग के केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेंगे.
उद्योग मंत्री ने कहा कि (Rajasthan Stone Industry) राजस्थान प्राकृतिक पत्थरों की दृष्टि से देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है. यहां ग्रेनाइट, मार्बल, सैंडस्टोन और अन्य प्राकृतिक पत्थरों की अपार संभावनाएं हैं. India Stonemart 2026 के माध्यम से इन संसाधनों का बेहतर उपयोग, मूल्य संवर्धन और निर्यात को नई दिशा मिलेगी. इससे न केवल उद्योग को लाभ होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.
ओडीओपी पवेलियन होगा आकर्षण का केंद्र
कर्नल राठौड़ ने बताया कि India Stonemart 2026 में राजस्थान सरकार की एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत चयनित पत्थर उत्पादों के प्रदर्शन के लिए एक विशेष ओडीओपी पवेलियन स्थापित किया जाएगा. इस पवेलियन के माध्यम से प्रदेश के विशिष्ट स्टोन उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी. इससे इन उत्पादों के निर्यात में वृद्धि होगी और कारीगरों व लघु उद्यमियों को सीधे वैश्विक बाजार से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा.
स्पष्ट नेतृत्व और नीतियों से निवेश को मिली रफ्तार
कर्नल राठौड़ ने कहा कि (Industrial Investment Rajasthan) स्पष्ट नेतृत्व और मजबूत नीतियों के कारण राजस्थान ने पिछले दो वर्षों में निवेश के क्षेत्र में नई दिशा हासिल की है. राज्य सरकार ने निवेश प्रोत्साहन के लिए कई नई नीतियां और योजनाएं लागू की हैं. इनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और राजस्थान एक भरोसेमंद निवेश गंतव्य के रूप में उभर रहा है. राइजिंग राजस्थान अभियान के तहत हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के समझौतों पर धरातल पर काम शुरू हो चुका है, जो राज्य की औद्योगिक प्रगति का प्रमाण है.
रोजगार सृजन में सरकार की मजबूत पहल
उद्योग मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए लगातार काम कर रही है. पिछले दो वर्षों में राजकीय क्षेत्र में एक लाख से अधिक युवाओं को नियुक्तियां दी जा चुकी हैं और 1.54 लाख पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है. निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निवेश समझौतों को तेजी से जमीन पर उतारा जा रहा है. राइजिंग राजस्थान और प्रवासी राजस्थानी दिवस जैसे आयोजनों से निवेश और रोजगार को नई ऊर्जा मिली है.
उन्होंने बताया कि युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने हेतु उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना शुरू की है. इस योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा. इसका उद्देश्य एक लाख युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रूडा की प्रबंध निदेशक मनीषा अरोड़ा, स्टोनमार्ट के संयोजक नटवर अजमेरा, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय सह महामंत्री नरेश पारीक, राष्ट्रीय सचिव अंजू सिंह, पूर्व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष योगेश गौतम, सीडोस के सीईओ मुकुल रस्तोगी, चैयरमैन दीपक अजमेरा सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे.
कार्यक्रम के बारे में संक्षेप में
जयपुर के जेईसीसी में 5 से 8 फरवरी तक आयोजन होगा.
लगभग 25,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में भव्य प्रदर्शनी लगाई जाएगी.
कुल 539 स्टॉल्स के माध्यम से स्टोन, मशीनरी और वैल्यू-एडेड उत्पादों का प्रदर्शन होगा.
20 से अधिक देशों से अंतरराष्ट्रीय विज़िटर्स, खरीदार, आर्किटेक्ट्स, डेवलपर्स और उद्योग प्रतिनिधि भाग लेंगे.
जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल, ग्लोबल स्टोन टेक्नोलॉजी फोरम, नीति संवाद सत्र, बी2बी मीटिंग्स और युवा प्रतिभाओं के लिए डिजाइन व नवाचार आधारित प्रतियोगिताएं आयोजन का विशेष आकर्षण रहेंगी.