जानकी नवमी पर जयपुर में सामाजिक समरसता का संगम: 47 जोड़ों का सामूहिक विवाह, शहरभर में भक्ति और उत्सव की धूम
अनन्य सोच। जानकी नवमी के पावन अवसर पर जयपुर में परंपरा, सामाजिक समरसता और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। सेवा भारती समिति, जयपुर द्वारा अंबावाड़ी स्थित उच्च माध्यमिक बालिका आदर्श विद्या मंदिर में 15वां श्रीराम-जानकी सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें 15 समाजों के 47 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इनमें सात अंतरजातीय विवाह भी शामिल रहे, जो सामाजिक एकता का संदेश देते हैं।
समिति अध्यक्ष विष्णु दत्त पुजारी के मार्गदर्शन में सभी वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह सम्पन्न हुए। 61 पंडितों ने मंडप पूजन और पाणिग्रहण संस्कार संपन्न करवाया। बारात ढहर के बालाजी स्थित सियारामदास बाबा की बगीची से गाजे-बाजे के साथ रवाना हुई, जहां बारातियों का भव्य स्वागत किया गया। विदाई के दौरान भावुक दृश्य देखने को मिले, जब परिजनों की आंखें नम हो गईं।
कार्यक्रम में संत-महंतों एवं गणमान्य अतिथियों ने नवदंपतियों को सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया। करीब 500 कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाओं को सफलतापूर्वक संभाला। अब तक सेवा भारती द्वारा राजस्थान में 33 स्थानों पर 2691 जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। नवविवाहितों को गृहस्थी का आवश्यक सामान, आभूषण और विवाह प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। साथ ही भ्रूण हत्या नहीं करने और भोजन की बर्बादी रोकने का संकल्प भी दिलाया गया।
इसी दिन शहर के विभिन्न मंदिरों में माता सीता के प्रकटोत्सव ‘जानकी नवमी’ को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। मंदिरों में पंचामृत अभिषेक, भजन-कीर्तन और विशेष श्रृंगार हुए। गलता जी, चांदपोल और छोटी चौपड़ स्थित मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सीताजी के जीवन से प्रेरणा लेते हुए संतों ने धैर्य, त्याग और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
इसके साथ ही 26 अप्रैल को गोविंद देवजी मंदिर में श्री सुरभि गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें गौ संरक्षण और समाज में जागरूकता का संदेश दिया जाएगा।