जयपुर में रंगमंच का महाउत्सव . अनुपम खेर के 500वें शो ‘कुछ भी हो सकता है’ ने रचा इतिहास, ‘ताजमहल का टेंडर’ ने भ्रष्टाचार पर किया तीखा व्यंग्य
Ananya soch: Rang Rajasthan Festival Jaipur
अनन्य सोच। Tajmahal Ka Tender Play: गुलाबी नगरी जयपुर में कला, संस्कृति और रंगमंच का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब ‘यूनिक रंग राजस्थान रंग रथ यात्रा’ के तहत थिएटर का भव्य आगाज हुआ . पहले ही दिन रंगमंच प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा माहौल नाट्य कला के रंगों से सराबोर नजर आया .(Kuch Bhi Ho Sakta Hai Play) इस महोत्सव का (Anupam Kher Play) सबसे बड़ा आकर्षण दिग्गज अभिनेता Anupam Kher का चर्चित आत्मकथात्मक नाटक “कुछ भी हो सकता है” रहा . यह प्रस्तुति इसलिए भी खास रही क्योंकि इसी मंचन के साथ इस नाटक का ऐतिहासिक 500वां शो पूरा हुआ . मंच पर अनुपम खेर ने अपने जीवन के संघर्ष, असफलताओं और उपलब्धियों को बेहद भावनात्मक और जीवंत अंदाज में दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया .नाटक के दौरान उन्होंने शिमला के एक साधारण परिवार से निकलकर बॉलीवुड और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा तक पहुंचे अपने प्रेरणादायक सफर की कई अनसुनी कहानियां साझा कीं . प्रस्तुति में हास्य, भावनाएं और प्रेरणा का अनोखा मिश्रण देखने को मिला . नाटक का मुख्य संदेश यही रहा कि अगर इंसान में दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास हो तो जीवन में सचमुच “कुछ भी हो सकता है” .इसी आयोजन में महाराणा प्रताप ऑडिटोरियम में चर्चित व्यंग्य नाटक “ताजमहल का टेंडर” का मंचन भी हुआ . अजय शुक्ला द्वारा लिखित और Chittaranjan Tripathy के निर्देशन में प्रस्तुत इस नाटक ने आधुनिक नौकरशाही, लालफीताशाही और भ्रष्टाचार पर करारा कटाक्ष किया . कहानी में दिखाया गया कि अगर आज के दौर में मुगल सम्राट Shah Jahan ताजमहल बनवाना चाहें तो सरकारी फाइलों और टेंडर की जटिलताओं में यह काम वर्षों तक अटक सकता है .महोत्सव के दौरान “रंग नवरस – ए सिंफनी ऑफ शी इन थिएटर” फोटो प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है . इसमें थिएटर के स्त्री पात्रों के विभिन्न भावों को नाट्यशास्त्र के नौ रसों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है .दूसरे दिन भी थिएटर प्रेमियों के लिए कई खास प्रस्तुतियां होंगी . दोपहर 3 बजे “गद पट्टी और रेख”, शाम 5.30 बजे “शून्य गढ़ शहर” और रात 7.30 बजे “थीव्स कार्निवल” का मंचन किया जाएगा . टिकट बुक माय शो और आयोजन स्थलों के काउंटर पर उपलब्ध हैं .