400 रंगकर्मियों की एकजुट हुंकार: रंगकर्म सम्मान समारोह में उठी सांस्कृतिक संस्थानों की बदहाली पर आवाज
Ananya soch
अनन्य सोच। रवीन्द्र मंच, जयपुर में आयोजित रंगकर्म सम्मान एवं स्नेह मिलन समारोह राजस्थान के रंगजगत के लिए ऐतिहासिक क्षण बनकर सामने आया। कार्यक्रम में लगभग 400 से अधिक रंगकर्मियों की गरिमामयी उपस्थिति ने एकता और संगठन की सशक्त मिसाल पेश की. इस अवसर पर वरिष्ठ रंगकर्मियों एवं नाट्य-पुरोधाओं को उनके दीर्घकालीन योगदान के लिए सम्मानित किया गया.
समारोह में नाट्य-पुरोधा सम्मान से भारत रत्न भार्गव, सरताज नारायण माथुर, वासुदेव भट्ट, रमा पांडे, नरेंद्र गुप्ता सहित कई वरिष्ठ रंगकर्मियों को सम्मान मिला, वहीं रंगशीर्ष सम्मान से अशोक राही, दिलीप भट्ट, शहजोर अली सहित अन्य कलाकारों को नवाजा गया.
कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने रवीन्द्र मंच, जवाहर कला केंद्र और राजस्थान संगीत नाटक अकादमी की बदहाल स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए हस्ताक्षर अभियान चलाया. प्रमुख मांगों में नवीनीकरण हेतु बजट स्वीकृति, कर्मचारियों की भर्ती और अनियमितताओं की जांच शामिल रही.
वरिष्ठ रंगकर्मियों ने रवीन्द्र मंच की पुरानी गरिमा बहाल करने का संकल्प दोहराया. सामूहिक भोज के साथ संपन्न यह आयोजन सम्मान के साथ-साथ सांस्कृतिक एकजुटता और संघर्ष का सशक्त संदेश देकर सम्पन्न हुआ.