Emerging Sports India: जयपुर में पिकलबॉल का नया जोश, ‘फ्लिकिन कप’ बना हर उम्र के खिलाड़ियों का मंच
इंजरी-फ्री, फिटनेस और फन का संगम, 8 से 60 वर्ष तक के खिलाड़ियों ने एक ही कोर्ट पर दिखाई ऊर्जा
Ananya soch: Flickin Cup Tournament
अनन्य सोच। Rajasthan Pickleball: जयपुर की खेल संस्कृति इन दिनों एक नए और रोमांचक खेल के साथ नई ऊंचाइयों को छू रही है. (Jaipur Sports News) दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला खेल माना जाने वाला (Pickleball Jaipur) पिकलबॉल अब जयपुर में भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. (Youth Fitness Sports) इंडोर और आउटडोर दोनों रूपों में खेले जाने वाला यह इंजरी-फ्री खेल बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों—सभी को एक ही कोर्ट पर जोड़ने का काम कर रहा है. 8 से 60 वर्ष तक के खिलाड़ी इस खेल को अपनाकर फिटनेस, प्रतिस्पर्धा और मनोरंजन का अनूठा अनुभव ले रहे हैं.
जयपुर में Pickleball को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचित जैन, सुरेश नायक और मेघना के संयुक्त प्रयास से ‘फ्लिकिन कप’ पिकलबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया. यह प्रतियोगिता जेएलएन मार्ग स्थित कोर्ट बोटानिका (Court Botanica Jaipur) में आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग और स्तर के खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों को खेल के नियमों, तकनीक और रणनीतियों की विस्तृत जानकारी कोच सुरेश नायक द्वारा दी गई, जिससे नए खिलाड़ियों को इस खेल को समझने और आत्मविश्वास के साथ खेलने का अवसर मिला.
इस अवसर पर आयोजक संचित जैन ने कहा कि Pickleball को अभी तक एक ‘चिल स्पोर्ट’ के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन अब समय आ गया है कि इसे गंभीरता से आगे बढ़ाया जाए. उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को सही प्लेटफॉर्म और प्रोफेशनल ट्रेनिंग मिले, तो पिकलबॉल को करियर के रूप में भी अपनाया जा सकता है और इसे राष्ट्रीय स्तर तक पहचान दिलाई जा सकती है. वहीं आयोजक मेघना ने युवाओं को नाइट क्लब और पार्टियों से बाहर निकलकर खेलों से जुड़ने का संदेश देते हुए कहा कि पिकलबॉल जैसे खेल युवाओं को फिट, एक्टिव और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम हैं.
170 से अधिक कोर्ट और रोज़ 1500 खिलाड़ी, जयपुर बना पिकलबॉल का हब
(Pickleball India)170 से अधिक पिकलबॉल कोर्ट सक्रिय हैं, जहां प्रोफेशनल और रिक्रिएशनल खिलाड़ी नियमित अभ्यास करते हैं. प्रतिदिन लगभग 1500 से 1700 खिलाड़ी इस खेल से जुड़े रहते हैं. भारत में पिकलबॉल की शुरुआत मुंबई और जयपुर से हुई थी, जिसे सुनील वालावलकर अमेरिका से भारत लेकर आए. (Emerging Sports India)जयपुर से यह खेल अब उदयपुर, सीकर, चूरू, बीकानेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और पाली जैसे शहरों तक फैल चुका है.
अंतरराष्ट्रीय पहचान और स्थानीय प्रतिभाएं
ऑल इंडिया Pickleball एसोसिएशन और राजस्थान पिकलबॉल एसोसिएशन के सदस्य नीरज शर्मा बताते हैं कि यह खेल अमेरिका से शुरू होकर आज भारत में तेजी से लोकप्रिय हुआ है. नीरज स्वयं इंग्लैंड, सिंगापुर, फुकेत, जर्मनी और स्पेन में पिकलबॉल खेल चुके हैं। जयपुर के आदित्य रोहिल्ला, दिव्यांशु कटारिया, निखिल सिंह राजपूत, मेघा कपूर और अस्मी सप्रा जैसे खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर शहर का नाम रोशन किया है.
पिकलबॉल के नियम और सुलभता
कोच सुरेश नायक के अनुसार, Pickleball में पैडल और प्लास्टिक बॉल का उपयोग होता है. इनडोर बॉल में 26 और आउटडोर बॉल में 40 छेद होते हैं. कोर्ट का आकार 20 फीट चौड़ा और 44 फीट लंबा होता है। सर्व अंडरआर्म और तिरछा किया जाता है, डबल बाउंस नियम लागू होता है और 7 फीट का नॉन-वॉली जोन (किचन) खेल का अहम हिस्सा है। जयपुर में Pickleball खेलने का खर्च 600 से 1000 रुपए प्रति घंटे के बीच है, जिससे यह आम लोगों के लिए भी सुलभ है.
बढ़ती लोकप्रियता और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ यह स्पष्ट है कि पिकलबॉल जयपुर में सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि भविष्य का बड़ा खेल बनता जा रहा है.