ध्रुवपद की विरासत को नमन. पद्मश्री पं. लक्ष्मण भट्ट तैलंग स्मृति में 32वां अखिल भारतीय ध्रुवपद समारोह 10 फरवरी को

ध्रुवपद की विरासत को नमन. पद्मश्री पं. लक्ष्मण भट्ट तैलंग स्मृति में 32वां अखिल भारतीय ध्रुवपद समारोह 10 फरवरी को

Ananya soch: Dhrupad Music

अनन्य सोच। Jaipur Cultural Event: राजस्थान की समृद्ध ध्रुवपद परंपरा को समर्पित (Indian Classical Vocal) 32वां अखिल भारतीय ध्रुवपद नाद-निनाद विरासत समारोह ‘जयपुर ध्रुवपद धरोहर’ का आयोजन 10 फरवरी को किया जाएगा. यह आयोजन विख्यात ध्रुवपदाचार्य पद्मश्री पं. लक्ष्मण भट्ट तैलंग (Padma Shri Laxman Bhatt) की पुण्यतिथि पर इन्टरनेशनल ध्रुवपद धाम ट्रस्ट एवं रसमंजरी संगीतोपासना केन्द्र, जयपुर द्वारा पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, उदयपुर के सहयोग से होगा.

Jawahar Kala Kendra के कृष्णायन सभागार में सायं 6 बजे से शुरू होने वाले इस समारोह में प्राचीन परंपरा और नवाचार का अनूठा संगम देखने को मिलेगा. कार्यक्रम का शुभारंभ भारत के 150 वर्ष पूर्ण कर चुके राष्ट्रगीत ‘वन्देमातरम्’ के विशेष ध्रुवपद छंद में प्रस्तुतीकरण से होगा, जिसे प्रो. मधु भट्ट तैलंग के निर्देशन में उनके शिष्य प्रस्तुत करेंगे.

समारोह में अहमदाबाद के सुप्रसिद्ध ध्रुवपद गायक आचार्य गोस्वामी रणछोड़ लाल मंदिर-परंपरा की दुर्लभ भक्ति रचनाएं प्रस्तुत करेंगे, वहीं ग्वालियर के युवा ध्रुवपद गायक अनुज प्रताप सिंह डागर घराने की शैली में गायन करेंगे.

इस अवसर पर गोस्वामी रणछोड़ लाल को पं. लक्ष्मण भट्ट धरोहर सम्मान, अनुज प्रताप सिंह को विशिष्ट ध्रुवपद प्रतिभा सम्मान तथा कला स्तम्भकार ललित शर्मा ‘अकिंचन’ को विशिष्ट कला-लेखन अवार्ड प्रदान किया जाएगा. साथ ही ट्रस्ट की वार्षिक पत्रिका ‘ध्रुवावाणी 2026’ के पोस्टर का विमोचन भी होगा.