पीएम गतिशक्ति पोर्टल से बनेगी राजस्थान के लॉजिस्टिक सेक्टर की नई रफ्तार, विकास योजनाओं में डेटा-आधारित कार्ययोजना पर ज़ोर
Ananya soch
अनन्य सोच। राजस्थान के लॉजिस्टिक एवं ट्रांसपोर्ट सेक्टर को और अधिक सशक्त, समन्वित एवं उद्योग-अनुकूल बनाने की दिशा में राज्य सचिवालय में शुक्रवार को एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता कैबिनेट सचिवालय सचिव (समन्वय) डॉ. मनोज गोविल ने की. उन्होंने कहा कि लॉजिस्टिक एवं ट्रांसपोर्ट क्षेत्र के पूर्ण रूप से लागू होने से न केवल उद्योगों को गति मिलेगी, बल्कि आमजन को भी बेहतर परिवहन सुविधाएं, रोजगार के नए अवसर और आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा.
डॉ. गोविल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य में विकास योजनाओं की कार्ययोजना तैयार करते समय पीएम गतिशक्ति पोर्टल के डेटा का अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाए. उन्होंने पोर्टल पर उपलब्ध सूचनाओं को समयबद्ध रूप से अपडेट करने के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करने पर भी ज़ोर दिया. साथ ही उन्होंने कहा कि राजस्थान की भौगोलिक, औद्योगिक और शहरी आवश्यकताओं के अनुरूप पोर्टल में जरूरी बदलाव किए जाएं और राज्य की बेस्ट प्रैक्टिस को अन्य विभागों एवं राज्यों के साथ नियमित रूप से साझा किया जाए.
बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल ने सुझाव दिया कि पीएम गतिशक्ति पोर्टल को केंद्र सरकार के अन्य महत्वपूर्ण पोर्टल्स से लिंक किया जाए, ताकि एक समग्र और सशक्त डेटा बेस तैयार हो सके. उन्होंने कहा कि यदि उद्यम पोर्टल का डेटा गतिशक्ति पोर्टल से जोड़ा जाए, तो एमएसएमई सेक्टर से जुड़ी रियल टाइम जानकारी प्राप्त हो सकेगी. इसके अलावा उन्होंने आम नागरिकों के लिए भी इस पोर्टल के उपयोग और उद्योग स्थापना व अनुमतियों की प्रक्रिया में इसके समावेशन पर विचार करने की बात कही.
उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त सुरेश कुमार ओला ने बैठक में राज्य का लॉजिस्टिक एक्शन प्लान प्रस्तुत किया. उन्होंने बताया कि ट्रैफिक व्यवस्था को उद्योग-अनुकूल बनाने के लिए राज्य सरकार प्राथमिकता से कार्य कर रही है. दिल्ली–मुंबई और अमृतसर–जामनगर एक्सप्रेसवे को औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ने के साथ-साथ इन एक्सप्रेसवे के आसपास औद्योगिक हब विकसित किए जा रहे हैं, जिससे निवेश और लॉजिस्टिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में अजमेर, जयपुर और कोटा के सिटी लॉजिस्टिक प्लान, गुड्स एंड पैसेंजर्स अर्बन मोबिलिटी प्लान, जेसीटीएसएल की सार्वजनिक बस प्रणाली तथा स्वीकृत एनपीजी मूल्यांकित परियोजनाओं का भी प्रस्तुतीकरण दिया गया.
इस अवसर पर उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग के निदेशक प्रशांत कुमार सहित एनएचएआई, रेलवे, जयपुर मेट्रो, परिवहन, शहरी विकास, जल संसाधन, सार्वजनिक निर्माण और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. संबंधित जिलों के कलेक्टर एवं एजेंसियों के प्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े.